बहुत ही अनोखा है भगवान शिव का ये मंदिर, मात्र एक दिन में बनकर हो गया था तैयार

Samachar Jagat | Friday, 03 Aug 2018 01:42:03 PM
This temple of Lord Shiva is very unique

इंटरनेट डेस्क। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के थल में छह किमी दूर बल्तिर गांव में भगवान शंकर का हथिया देवाल मंदिर स्थित है। इस मंदिर की स्थापत्य कला को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक यहां आते हैं लेकिन इस मंदिर में पूजा नहीं की जाती है। इस मंदिर को हथिया देवाल नाम देने के पीछे एक बहुत ही रौचक कथा जुड़ी हुई है। आइए आपको बताते हैं इस कथा के बारे में............

पुराने समय में यहां राजा कत्यूरी का शासन था। उस काल के राजाओं को स्थापत्य कला से बेहद लगाव होता था। यहां के लोगों के अनुसार एक कुशल कारीगर ने इस मंदिर का निर्माण किया था। इस मंदिर की खासियत ये थी कि मंदिर को बनाने वाले कारीगर ने केवल एक हाथ से मंदिर बनाना शुरू किया और एक ही रात में पूरा मंदिर बनाकर तैयार कर दिया। यह मंदिर इतना पुराना है कि ग्रंथों, अभिलेखों में भी इस मंदिर का वर्णन मिलता है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस गांव में एक मूर्तिकार रहता था, जो पत्थरों को काट-काट कर मूर्तियां बनाया करता था। एक दुर्घटना में उसका एक हाथ खराब हो गया। अब वह मूर्तिकार एक हाथ से मूर्तियां बनाने की कोशिश करने लगा, लेकिन गांव के कुछ लोगों ने उसे यह कहकर हतोत्साहित करना शुरू कर दिया कि एक हाथ के सहारे अब वह क्या कर पाएगा? गांव के लोगों की कड़वी बातें सुनकर वो मूर्तिकार बहुत उदास हो गया। लेकिन उसने हार नहीं मानी और प्रण कर लिया कि वह अब उस गांव में नहीं रहेगा और वहां से कहीं और चला जाएगा।

यह प्रण करने के बाद वह एक रात अपनी छेनी, हथौड़ी और अन्य औजारों को लेकर गांव के दक्षिणी छोर की ओर निकल पड़ा। गांव का दक्षिणी छोर गांववालों के लिए शौच आदि कार्यों के उपयोग में आता था और वहां पर एक विशाल चट्टान थी। मूर्तिकार ने रातोंरात चट्टान को काटकर एक देवालय का रूप दे दिया। ये देखकर सभी आश्चर्यचकित हो गए। लेकिन वो मूर्तिकार वहां नहीं था, वह गांव छोड़कर जा चुका था।



 

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