देश की संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए बनेगा राम, कुंभ मेले का संग्रहालय

Samachar Jagat | Tuesday, 13 Feb 2018 04:56:59 PM
To showcase the culture of the country, Ram will be a museum of Kumbh Mela
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नई दिल्ली। देश की प्राचीन और समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम राम, कुम्भ मेले और गोरखनाथ का संग्रहालय बनेगा। इसके अलावा दिल्ली के लाल किले में प्रथम स्वाधीनता संग्राम 1857, प्रथम विश्वयुद्ध में भारतीय सैनिकों के योगदान और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस तथा उनकी इंडियन नेशनल आर्मी एवं सरदार पटेल के बारे में चार स्थायी प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। यह जानकारी आज यहां केन्द्रीय संस्कृति मंत्री डॉ महेश चन्द्र शर्मा ने पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों उनकी बैठक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई जिसमें यह निर्णय लिया गया है।

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उन्होंने बताया कि कुंभ मेले को युनेस्को ने भी विश्व धरोहर की मान्यता दी है। अगले वर्ष कुम्भ मेला होने वाला है। उन्होंने बताया कि इलाहाबाद में कुंभ का संग्रहालय बनाया जाएगा, जबकि अयोध्या में राम का संग्रहालय बनेगा और गोरखपुर में गोरखनाथ का संग्रहालय बनेगा। डॉ शर्मा ने कहा कि अयोध्या में जो संग्रहालय बनेगा, वह वर्चुवल संग्रहालय होगा। गोरखपुर के संग्रहालय में गोरखनाथ के अलावा वहां की संस्कृति की भी झांकी होगी। इन संग्रहालयों की रुपरेखा जल्द ही तैयार की जाएगी और बजट भी आवंटित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुम्भ मेले में गंगा महोत्सव भी आयोजित किया जाएगा।

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संस्कृति मंत्री ने कहा कि बज़ट में पुरातत्व विभाग द्बारा संरक्षित प्राचीन स्मारकों एवं विरासत स्थलों को विश्व स्तरीय सुविधा तथा साफ़ सफाई युक्त बनाने की घोषणा की गयी थी जिनमें ताजमहल, फतेहपुरी सीकरी, अजंता एलोरा, लालकिला, हुमायूँ का मकबरा, कुतुबमीनार, खजुराहो मंदिर, हम्पी कोरंक मंदिर, महाबलीपुरम का मंदिर और गोलकुंडा का किला शामिल है। इन सब के लिए कार्य शुरू हो गया है। अजंता एलोरा एवं गोलकुंडा किले के संरक्षण के लिए मार्च 2018 तक डिजाइन बज़ट आदि बन जायेंगे। इसके अलावा सौ स्मारक स्थलों को आदर्श स्मारक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिनमें से 27 स्थलों पर शौचालय, कंटीन, बेंच, फ़ूड कोर्ट आदि बनाए गए हैं। शेष 73 के प्रस्तावों को मंज़ूर किया जा रहा हैं। -एजेंसी

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