भारत की इस जगह पर लगती है, दूल्हों की बोली

Samachar Jagat | Monday, 13 Nov 2017 11:11:21 AM
India seems to be at this place Bulls bat

इंटरनेट डेस्‍क। आप भारत के किसी भी कोने में चले जाएं आपको हर जगह किसी न किसी तरह की अजीबो-गरीब परंपराएं देखने को मिलेगी। आपको बता दे कि कुछ ऐसी भी परंपराएं है जहां पर दूल्हों की बोली लगती है।

आपको बता दें कि सन 1982 में एक फिल्म आर्इ थी. जिसका नाम था “दूल्हा बिकता है” जिसको लेकर भी लोगों को विश्वास ही नहीं हुआ कि भारत में ऐसा भी होता है. पर ऐसा होता है।

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भारत के बिहार राज्‍य में मधुबनी जिले में आज भी दूल्‍हाें की बोली लगती है। कहा जा है कि यहां पर जैसे कोई सब्जी, फल या राशन मंडी होती है. वैसे ही दूल्हों की मंडी लगती है।

यहां लोग इस दूल्हों की मंडी को दूल्हों का मेला कहते है. लोग इस मेले को सभागाछी के नाम से भी जानते हैं। ये मेला मैथिल ब्राह्मणों का है।

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यहां पर लोग अपनी कन्याओं के लिए योग्य वर का चयन करके विवाह करते हैं. और तो ये भी कहा जाता है कि यहां पर योग्यता के हिसाब से दूल्हों की सौदेबाजी भी होती है।

ये मेला नौ दिनों तक चलता है. कहा गया है कि यहां पर इस मेले में पंजिकारों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। पंजीकरण में पिता पक्ष और ननिहाल पक्ष के 7 पीढ़ी तक के संबंधों को देखा जाता है।

ये मेला लगभग 700 साल से चल रहा है. यहां पर 1971 में लगभग 1.5 लाख लोग विवाह के समंबंध आए थे. लेकिन अभी संख्‍या काफि कम हो गई है।

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कहा जाता है. इस मेले का मुख्‍य उद्देश्य दहेज प्रथा को रोकना है. इस मेंले कि शुरुआत राजा हरि सिंह देव ने कि थी। sources google



 

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