कुशीनगर के किसान औषधीय खेती के प्रति उदासीन,अनुदान वापस

Samachar Jagat | Saturday, 21 Mar 2020 01:35:33 PM
Farmers of Kushinagar indifferent to medicinal farming, grant back

कुशीनगर, उत्तर प्रदेश में कुशीनगर के किसान औषधीय पौधों की खेती के प्रति उदासीन रहते लाखों की अनुदान राशि उद्यान विभाग को वापस करनी पड़ रही है।



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प्रदेश आयुष मिशन के तहत किसानों को अनुदानित बोये जााने वाले तुलसी, अश्वगंधाा, शतावर , एलोवेरा, कालमेघ आदि फसलों की खेती किसान नहींं कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण योजना प्रचार-प्रसार नहीं होना बताया रहा है।

जिला उद्यान अधिकारी राम प्रसाद ने बताया कि इस योजना में किसानों को लाभान्वित करने के लिए उद्यान विभाग ने प्रचार कराया था लेकिन किसानों ने इसकी खेती करने में रुचि नहीं दिखाई। जिसके चलते सरकार से मिली हुई अनुदान राशि को वापस करने की कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि जिलें में 29 हेक्टेयर क्षेत्रफल में इन औषधि पौधों की खेती करनी थी। लेकिन एक भी किसान ने इसके लिए आवेदन नहीं किया। अब विभाग इस योजना के लिए मिले चार लाख 39 हजार रूपये का बजट वापस करना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी ,अश्वगंधा, शतावर के पौधे जिले में भूमि पर सामान्य तौर पर ही उगते हैं। आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्माण में आज की जरूरत को देखते हुए सरकार ने आयुष मिशन के तहत कुशीनगर जिले में तुलसी ,अश्वगंधा, शतावर ,एलोवेरा तथा कालमेघ की खेती को बढ़ावा देने की योजना शुरू की है।

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