एलएमबी होटल मामले में अल्टीमेटम की अवधि खत्म, बैकफुट पर आया निगम

Samachar Jagat | Wednesday, 20 Nov 2019 01:39:55 PM
Term of ultimatum in LMB hotel case, corporation on backfoot

महापौर विष्णु लाटा ने कहा कि इस मामले में जोन आयुक्त और सीईओ के पास मामला लंबित, वे ही करते हैं कार्रवाई, यह बड़ा मामला है, हैरिटेज को नुकसान 

स्थानीय निकाय निदेशक ने खारिज किया था स्टे, इसके बाद निगम ने होटल संचालकों को कारखाना हटाने और नए निर्माण के लिए दिया था नोटिस

जयपुर, कासं। हैरिटेज के संरक्षण को बढ़ावा देने के बजाय अवैध रूप से खड़ी की जा रही इमारतें और अवैध कारखानों ने परकोटे की फिजां ही बदल दी है। नगर निगम की ओर से इस संबंध में कोई ठोस कदम उठाना तो दूर कार्रवाई के मामले में दोहरे मापदंड अपना लिए जिससे ऊंची पहुंच वाले लोगों के अवैध निर्माणों को बढ़ावा मिल रहा है। जौहरी बाजार स्थित एलएमबी होटल परिसर में बने नए निर्माण और अवैध कारखाने को नोटिस की अवधि पार हो गई लेकिन हवामहल पश्चिम जोन ने फाइल को यह कहकर ठंडे बस्ते में डाल दिया कि उच्च स्तर से निर्देश नहीं मिल रहे जबकि छोटे अवैध निर्माण के मामले में तत्परता से कार्रवाई की गई। निगम के इस दौहरे मापदंडों ने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जौहरी बाजार स्थित एलएमबी होटल परिसर के नए निर्माण और अवैध कारखाने का मामले में स्थानीय निकाय निदेशक ने एक माह पूर्व स्टे खारिज करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थ्ो, प्रतिष्ठित होटल के इस मामले में हवामहल जोन पश्चिम ने एलएमबी होटल के मालिकों को सात दिवस में अवैध कारखाना हटाने और नए निर्माण को लेकर अल्टीमेटम दिया था। निगम का अल्टीमेटम खत्म हो गया और अब क्ष्ोत्र के लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर निगम ने किसके इशारे पर कार्रवाई को स्थगित कर रखा है। इस मामले में क्ष्ोत्र के लोगों ने मुख्यमंत्री तक को शिकायतें भ्ोज दी लेकिन निगम ने रहस्यमयी चुप्पी साध ली है। क्ष्ोत्र के लोगों ने कहा कि अवैध कारखाने से कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। सिलेंडर फटने अथवा आगजनी की घटना होने पर आसपास के लोगों का जीवन खतरे में आ सकता है लेकिन निगम के अफसर मिलीभगत के चलते कोई कदम नहीं उठा रहे। उल्लेखनीय है कि स्थानीय निकाय निदेशक के निर्देशों की भी निगम कोई परवाह नहीं कर रहा। गौरतलब है कि स्वायत्त शासन मंत्री ने पिछले दिनों अवैध निर्माणों को चिह्िनत करने के लिए ड्रोन से सर्वे करवाने की बात कही थी लेकिन निगम के अफसर चिह्नि्त अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करना तो दूर बहाने ढूंढने में लगे हुए हैं। 

निगम मुख्यालय के हाल-बेहाल, ज्यादातर अफसर-कर्मचारी नदारद

जयपुर, कासं। प्रशासनिक सुधार विभाग के तमाम निर्देशों के बाद भी नगर निगम के अफसर बेखौफ है। निगम मुख्यालय और जोन कार्यालयों में निगम के हाल-बेहाल है। समस्याओं से पीड़ित लोग सुनवाई नहीं होने पर निराश होकर लौट रहे हैं। निगम में बड़े अफसर ही समय पर नहीं आ रहे। ऐसे में अधिनस्थ अफसर-कर्मचारियों ने भी समय पर आने से तौबा कर ली। इसके कारण जनता से जुड़े कार्य ठप्प हो रहे हैं। समाचार जगत ने आज नगर निगम मुख्यालय सुबह जल्द पहुंचकर देखा तो कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए। आज सुबह साढे नौ बजे निगम के कंट्रोल रूम ने वायरलेस सैट पर मैसेज चलाया कि निगम सीईओ विजयपाल सिंह सफाई व्यवस्था का जायजा लेंगे, इसलिए सभी जोन आयुक्त मौके पर मौजूद रहे। इस मामले में जब फील्ड से जानकारी आई कि दस बजे तक कोई जोन आयुक्त मौके पर नहीं पहुंचा। निगम सीईओ की गाड़ी तो जोन क्ष्ोत्रों में चक्कर काट रही है लेकिन उसमें सीईओ मौजूद ही नहीं थ्ो। सीईओ विजयपालसिंह तो इंदौर में है। हालत यह रही कि निगम के इस मैसेज को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। सीईओ की गड़ी इसलिए चक्कर काट रही थी कि यह मैसेज रहे कि निगम सीईओ जोन क्ष्ोत्र में है। लेकिन सीईओ के इस टेरर की तब हवा निकल गई जब सभी को यह जानकारी मिल गई कि साहब यहां है ही नहीं। 

सीईओ बाहर तो अफसर भी रहे नदारद: संवाददाता ने निगम मुख्यालय की सभी शाखाओं में जाकर देखा तो 8० फीसदी अफसर-कर्मचारी दस बजे तक नदारद दिख्ो। कार्मिक आयुक्त ममता नागर से जब इस संबंध में फोन पर बात की तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वे आज लेट आएंगी। अफसर-कर्मचारी समय पर नहीं आने के मामले में कहा कि वे अभी कुछ नहीं कह सकती। देरी से आने वालों की उन्हें जानकारी नहीं है। उधर मुख्यालय आयुक्त की भी समय पर कार्यालय पहुंचने के मामले में स्टाफ को कोई जानकारी नहीं थी। आयुक्त के स्टाफ ने कहा कि साहब की कोई जानकारी नहीं है। अभी आएंगे या नहीं। इसी तरह सतर्कता आयुक्त व अन्य अफसरों व कर्मचारियों का यही हाल रहा। इसी तरह जोन कार्यालयों में भी कमोबेश यही हाल रहा। ग्यारह बजे तक हवामहल प?िम, मोतीडूंगरी, सांगानेर और विद्याधर नगर जोन में अफसर-कर्मचारियों की उपस्थिति नगण्य सी रही। प्रशासनिक सुधार विभाग के निर्देश अब निगम में कागजों में ही सिमट कर रह गए हैं।

निगम सीईओ के निजी सहायक अरूण्ोश वशिष्ठ ने कहा कि सीईओ साहब तो इंदौर है। पिछले दिन तक साहब बिजी चल रहे थ्ो और आज इंदौर में है और अब निगम में 25 नवंबर को सीईओ साहब के आने की सूचना है।

नगर निगम के सीईओ पिछले तीन दिन से नगर निगम में नहीं कर पाए सुनवाई। शाम को तीन बजे से चार बजे तक जनसुनवाई का समय नियत है लेकिन पिछले तीन दिन से सीईओ सचिवालय में ही बिजी रहे और तय समय पर सुनवाई नहीं कर पाए। सीईओ से मिलने के लिए आने वाले लोगों ने बताया कि वे रोज शाम तीन बजे आते हैं लेकिन उन्हें यह कहकर भ्ोज दिया जाता है कि साहब सचिवालय में है। आज कई लोग सुबह ही सीईओ से मिलने आए हुए थ्ो तो उन्हें कहा गया सीईओ अब 25 नवंबर को जयपुर आएंगे।



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2020 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.