Marathi folk फिल्मों से की थी निलू फूले ने करियर की शुरुआत, सेवा कार्यों के लिए दान देते थे कमाई का हिस्सा

Samachar Jagat | Tuesday, 13 Jul 2021 10:28:01 AM
Nilu Phule started his career with Marathi folk performances

मराठी और हिंदी फिल्मों में अपने काम के लिए मशहूर हुए नीलू फुले का 13 जुलाई 2009 को निधन हो गया। आज उनकी पुण्यतिथि है। नीलू फुले ने सत्तर के दशक में फिल्मों में काम किया है। नीलू फुले का पूरा नाम नीलकंठ कृष्णाजी फुले उर्फ ​​नीलूभाऊ फुले था। वे पहले संघ की अल्पकालिक शाखा के साथी थे, हालाँकि यह मुस्लिम, ईसाई, धार्मिक मित्रों का स्वागत नहीं करता है। जब ऐसा होने लगा तो वह संघ छोड़कर राष्ट्रीय सेवा दल में शामिल हो गए। दरअसल, वह दौर स्वतंत्रता आंदोलन का था। उस समय निलुभाऊ ने नाटक, फिल्म के क्षेत्र में अपनी नवीनता से अपनी स्वतंत्र पहचान बनाई और साथ ही आंदोलन करते रहे।

 

 

उस समय नीलू फुले के प्रदर्शन का उद्देश्य सामाजिक सुधार और प्रगतिशील सोच का निर्माण करना था। कई तरह के लोक नाटकों में नीलू फुले ने लगन से काम किया। वह इसे फिल्म उद्योग में बनाने में भी कामयाब रहे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्म "एक गांव बड़ा भंगड़ी" से की थी।

 


इसके बाद वह भयनक (2000), घर बाजार (1998), दिशा (1991), ऊँच नीच बीच (1989), गरीब का दाता (1989), प्रेम प्रतिज्ञा (1989), कब्ज़ा (1988), औरत तेरी ये जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। कहानी (1988), मोहरे (1988), सूत्रधार (1987)। उन्होंने दिलीप कुमार के साथ अभिनेता अमिताभ बच्चन के साथ "मशाल", "कुली" और अनुपम खेर के साथ "सारांश" जैसी फिल्मों में काम किया। वह अपनी कमाई का एक हिस्सा समाज सेवा और सेवा संस्थाओं के लिए दान करते थे।



 

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