Ukrainian चिकित्सक ने अमेरिकी सांसदों को रूस के कब्जे में प्रताड़ना की दास्तां सुनायी

Samachar Jagat | Friday, 16 Sep 2022 11:21:17 AM
Ukrainian doctor narrates tales of torture to US lawmakers under Russian occupation

वाशिगटन : यूक्रेन में रूसी सेना के कब्जे वाले शहर मारियुपोल में तीन महीनों तक बंधक रही एक स्वयंसेवी चिकित्सक ने भयावहता की रोंगटे खड़े करने वाली दास्तां सुनाते हुए बताया कि यूक्रेनी कैदियों को कपड़े उतारने के लिए विवश किया जाता था और इसके बाद लहूलुहान होने तक उन्हें प्रताड़ित किया जाता था। यूक्रेनी चिकित्सक युलिया पेइव्स्का ने अमेरिकी सांसदों को बृहस्पतिवार को बंदियों की पीड़ा का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि सात साल के बच्चे ने उनकी गोद में दम तोड़ दिया था क्योंकि उनके पास उसके इलाज के लिए उपकरण नहीं थे।

सांसदों के समक्ष उस खौफनाक मंजर को याद कर बृहस्पतिवार को कई बार उनका गला भर आया। पेइव्स्का को मार्च में मारियुपोल में रूस समर्थित सेना ने बंधक बनाया था और उन्हें यूक्रेन के दोनेत्स्क क्षेत्र में रूस समर्थित क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर रखा गया था। उन्होंने यूरोप में सुरक्षा एवं सहयोग आयोग के समक्ष अपना दर्द बयां किया। इस आयोग को 'हेलसिकी आयोग’ के नाम से जाना जाता है, जिसे मानवाधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय अनुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया गया है। उन्होंने रूस के कब्जे में रहते हुए दर्द से कराह रहे कई यूक्रेनी नागरिकों का इलाज किया। घायलों की उनकी देखभाल पर दुनिया का ध्यान तब गया जब उनके बॉडी कैमरा की एक फुटेज उपलब्ध हुई।

पेइव्स्का ने आयोग को बताया कि एक रूसी ने उन पर जुल्म ढाते हुए पूछा, ''तुम जानती हो कि हम तुम्हारे साथ यह क्यों करते हैं?’’ इस पर उन्होंने जवाब दिया था, ''क्योंकि तुम कर सकते हो।’’ उन्होंने बताया कि रूसी सैनिक यूक्रेनी कैदियों को कपड़े उतारने के लिए विवश करते थे और उसके बाद उन्हें प्रताड़ित करते थे। उन्होंने बताया कि इसके कारण कुछ कैदियों की चीखें हफ्तों तक सुनायी पड़ीं और कोई इलाज न मिलने के कारण उनकी मौत हो गयी। उन्होंने रूस की कैद में मारे गए यूक्रेनियों की संख्या बताते हुए कहा, ''मेरे मित्र का शरीर ठंडा पड़ने के बाद मैंने उसकी आंखें बंद की थी। फिर एक और मित्र। और एक। और एक। सिलसिला चलता गया।’’

यूक्रेनी चिकित्सक ने बताया कि उन्हें दस्तावेजों की नियमित जांच के लिए रोके जाने के बाद बंदी बना लिया गया था। ऐसा माना जा रहा है कि रूसी सैनिकों ने हजारों यूक्रेनियों को बंधक बनाया। उन्होंने बताया कि रूसी कई बार उनसे खुद को मारने के लिए कहते थे लेकिन वह कहती, ''नहीं, मैं देखूंगी कि कल क्या होता है।’’ यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निगरानी मिशन ने कहा कि उसने रूसी कब्जे में युद्ध बंदियों के बयान रिकॉर्ड किए है, जिन्हें काफी उत्पीड़न झेलना पड़ा। रूस ने इन आरोपों का जवाब नहीं दिया है। 



 

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