United Nations : महिलाओं के खिलाफ तालिबान के फरमान पर संयुक्त राष्ट्र ने की आपात बैठक

Samachar Jagat | Friday, 13 May 2022 09:39:12 AM
United Nations : UN holds emergency meeting on Taliban's decree against women

संयुक्त राष्ट्र |  संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अफगानिस्तान की महिलाओं के खिलाफ तालिबान के हालिया दमनकारी फरमान पर चर्चा करने के लिए बृहस्पतिवार को बंद कमरे में बैठक की। इस दौरान, नॉर्वे द्बारा तैयार किए गए बयान में महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों पर प्रतिबंध लगाने वाली नीतियों को पलटने का आह्वान किया गया।

उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान में सत्तारूढ़ तालिबान ने महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर सिर से लेकर पैर तक बुर्के में ढके रहने का शनिवार को आदेश दिया। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर बाहर जरूरी काम नहीं है तो महिलाओं के लिए बेहतर होगा कि वे घर में ही रहें। इसके साथ ही मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की तालिबान द्बारा कट्टर रुख अपनाने की आशंका को बल मिला है।

उल्लेखनीय है कि तालिबान ने वर्ष 1996-2001 के पिछले शासन काल में भी महिलाओं पर इसी तरह की सख्त पाबंदी लगाई थी। तालिबान ने कक्षा छह के बाद लड़कियों की शिक्षा पर पहले ही रोक लगा दी है और महिलाओं को अधितकर नौकरियों से प्रतिबंधित कर दिया है। इसके अलावा यदि महिलाओं के साथ कोई पुरुष रिश्तेदार नहीं है, तो वे विमान में यात्रा नहीं कर सकतीं।

संयुक्त राष्ट्र में नॉर्वे की उप राजदूत ट्रिने हीमरबैक ने परिषद की बैठक से पहले संवाददाताओं से कहा कि तालिबान की नीतियां देश की ''प्रलयकारी आर्थिक एवं मानवीय स्थिति’’ से निपटने के बजाय महिलाओं एवं लड़कियों के दमन पर केंद्रित हैं।

इस बीच, महिलाओं, शांति एवं सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अनौपचारिक विशेषज्ञ समूह के सह-अध्यक्षों आयरलैंड और मैक्सिको ने बृहस्पतिवार को परिषद के सदस्यों को पत्र लिखकर तालिबान के फैसले को भय पैदा करने वाला बताया था।

संयुक्त राष्ट्र में आयरलैंड की राजदूत गेराल्डिन बायरन नैसन ने संवाददाताओं से कहा कि महिलाएं और लड़कियां ''अब कुछ सबसे कठोर प्रतिबंधों का सामना कर रही हैं,’’ और तालिबान की नीतियों की निदा करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय एवं सुरक्षा परिषद की नैतिक जिम्मेदारी है। 



 
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