युवाओं पर वायरस के असर की डब्ल्यूएचओ की चेतावनी के बीच दुनिया भर में कामबंदी

Samachar Jagat | Saturday, 21 Mar 2020 01:28:46 PM
WHO warns of virus impact on youth, worldwide shutdown


रोम,  दुनिया भर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ने और युवाओं पर इस वायरस के असर को लेकर दी गई विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की चेतावनी के बीच विश्व भर में करोड़ों लोगों के लिए सप्ताहांत की शुरुआत कामबंदी और घर में बंद रहने के साथ हुई।



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डब्ल्यूएचओ ने आगाह किया है कि युवा लोग भी वायरस से कम प्रभावित नहीं होंगे और उनके भी इस बीमारी की चपेट में आने की पूरी आशंका है।

इस वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है, बड़ी आबादी की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है, स्कूल एवं कारोबार बंद हो गए हैं और लाखों लोग घरों से काम करने के लिए मजबूर हैं जबकि कई की आजीविका छिन गई है।

भले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिका वायरस के खिलाफ जंग “जीत” रहा है लेकिन अलग-अलग राज्यों ने नाटकीय ढंग से प्रतिबंधों को कड़ा कर दिया है जहां न्यूयॉर्क, इलिनोइस और कैलिफोर्निया ने लोगों को उनके घरों के भीतर रहने का आदेश दिया है।

दुनिया भर में वायरस के कारण मृतकों की संख्या 11,००० के पार चली गई है जिसमें से 4,००० मामले बुरी तरह प्रभावित इटली से हैं जहां पिछले एक सप्ताह में रोजाना मृतकों की संख्या अचानक बढ़ गई है।

वायरस के कारण बुजुर्ग और पूर्व में अन्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति सबसे अधिक प्रभावित हैं लेकिन डब्ल्युएचओ प्रमुख तेदरोस अदहानोम गेब्रेयसस ने आगाह किया है कि युवा भी इस बीमारी के प्रति संवेदनशील हैं।

तेदरोस ने कहा, “आज मेरे पास युवाओं के लिए एक संदेश है: आप इससे अछूते नहीं हैं। यह वायरस हफ्तों तक आपको अस्पताल में भर्ती करा सकता है--या आपकी जान भी ले सकता है।”

उन्होंने कहा, “आप बीमार न भी पड़ें तो आप कहां जाने के बारे में सोच रहे हैं यह किसी और के लिए जीवन और मौत के बीच का अंतर बन सकता है।”
चीन में शनिवार को लगातार तीसरे दिन कोई घरेलू मामला सामने नहीं आया और डब्ल्यूएचओ ने कहा कि चीन का वुहान शहर “पूरी दनिया के लिए उम्मीद की किरण’’ लेकर आया है।

लेकिन क्षेत्र में विदेश से आने वाले मामलों की नयी लहर को लेकर चिता बढ़ गई है। हांगकांग में शुक्रवार को 48 संदिग्ध मामले सामने आए जो संकट शुरू होने के बाद से दिन में अब तक का सबसे बड़ा उछाल है। इन संदिग्ध मामलों में से ज्यादातर लोग यूरोप से आए-गए हैं।

पूरे यूरोप में सरकारों ने बंदी के उपाय सख्ती से लागू करना जारी रखा हुआ है।
इटली में शुक्रवार को सबसे बुरा दिन रहा जहां 627 और लोगों की मौत हो गई और प्रसार को रोकने के प्रयासों के बावजूद मृतकों की कुल संख्या 4,०23 पर पहुंच गई है।
फ्रांस, इटली, स्पेन और अन्य यूरोपीय देशों ने लोगों को घर पर रहने को कहा है और कुछ मामलों में जुर्माना लगाने की भी चेतावनी दी है। बावरिया जर्मनी का पहला क्षेत्र है जिसने कामबंदी के आदेश दिए हैं।

यूरोपीय संघ में अपने पड़ोसियों की राह पर चलते हुए ब्रिटेन ने भी कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है और पब, रेस्तरां और सिनेमाघरों को बंद करने को कहा है। साथ ही प्रभावित श्रमिकों की मजदूरी की भरपाई करने का वादा किया है।

इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस के कार्यालय में एक कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। पेंस प्रकोप को लेकर अमेरिकी प्रतिक्रिया के प्रभारी हैं।

फ्रांस ने कहा कि घर में रहने के आदेश के पहले दिन 4,००० लोगों पर जुर्माना लगाया गया। मंत्रियों ने नियम तोड़ने वाले लोगों को “बेवकूफ’’ बताया।
कोविड-19 के कारण दुनिया भर में मरने वाले आधे से ज्यादा लोग यूरोप से हैं।

वायरस का प्रकोप अफ्रीका और पश्चिम एशिया पर भी गहराता जा रहा है।

गेबोन में उप सहारा अफ्रीका में हुई दूसरी मौत का मामला सामने आया है जबकि पूरे अफ्रीका में 9०० से ज्यादा मामले सामने आए हैं और संख्या तेजी से बढ़ ही रही है।
वहीं ईरान में शीर्ष नेता आयातुल्ला अली खामनेई और राष्ट्रपति हसन रूहानी ने प्रकोप से देश को उबारने का वादा किया लेकिन सख्त प्रतिबंध लगाने में विश्व के अन्य देशों की सूची में शामिल होने से इनकार कर दिया।

लातिन अमेरिका में क्यूबा और बोलिविया दोनों ने अपनी सीमाएं बंद करने की घोषणा की है और कोलंबिया ने कहा कि वह मंगलार से अनिवार्य पृथक व्यवस्था शुरू करेगा।

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