ज्योतिष के अनुसार कब खत्म होगा कोरोना वायरस का प्रकोप, कब मिलेगी इस महामारी से मुक्ति

Samachar Jagat | Monday, 16 Mar 2020 09:57:47 PM
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भारतीय ज्योतिष में वायरस का कारक राहु और शनि को माना जाता है, इन्हीं के प्रकोप के कारण कोरोना महामारी फैली है, शनि के स्वराशि मकर में होने के कारण इस महामारी का प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है, हालांकि, सूर्य जब मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तब कोरोना का अंत संभव हो पाएगा, ज्योतिष के अनुसार, सूर्य 14 अप्रैल 2020 को मेष राशि में प्रवेश करेंगे, भारत की कुंडली के अनुसार वृष लग्न की कुंडली में चंद्र में शनि की अंतर्दशा चल रही है।

ज्योतिष के अनुसार, वर्तमान में राहु उच्च राशि मिथुन में गोचर कर रहे हैं जो भारत की कुंडली का द्वितीय भाव है, इसे कालपुरुष की कुंडली में मुंह, नाक, कान, गले का कारक माना जाता है, राहु लग्नस्थ और साथ ही शुक्र षष्टेश होकर शनि के साथ तृतीयस्थ हैं अर्थात तृतीय भाव से श्वांस नली, दमा, खांसी, फेफड़े, श्वांस संबंधी रोग हो रहे हैं, चूंकि वायरस हवा के माध्यम से फैल रहा है और आक्सीजन का कारण चंद्र हैं, चंद्र अपनी स्वराशि में है, जिससे थोड़ा कम असर है।

लेकिन जब देव गुरु बृहस्पति 30 मार्च को अपनी नीच राशि मकर में गोचर करेंगे, तब इसका प्रभाव बढ़ सकता है, गोचर में शनि को देखें तो 24 जनवरी से स्वराशि मकर में पहले से ही विद्यमान हैं और अब मंगल भी 22 मार्च को उच्च राशि मकर में गोचर करेंगे, मकर पृथ्वी तत्व की राशि हैं जिसके स्वामी शनि हैं, मंगल से शत्रुवत व्यवहार होने के कारण यह पृथ्वी पर भी असर डालेंगे, ज्योतिषीय गणना के अनुसार, कोरोना का प्रभाव अप्रैल तक कम होना शुरू हो जाएगा और वर्ष मध्य के बाद ही समाप्त होने की संभावनाएं हैं।



 

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