Swaroopanand: आध्यात्मिक उत्थान के लिए आहार, विहार, विचार की शुद्धि जरूरी

Samachar Jagat | Tuesday, 07 Sep 2021 11:18:30 AM
 Diet, Vihara, purification of thoughts necessary for spiritual upliftment: Swaroopanand

न्यूज़ डेस्क|  द्बारका शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा है कि व्यक्ति केवल भौतिक ही नहीं अपितु वह आध्यात्मिक उन्नति की भी अपेक्षा रखता है, इसके लिए है कि उसका आहार, विहार, विचार शुद्ध हो।

स्वामी स्वरूपानंद ने कल जिले के धार्मिक स्थल झोतेश्वर में अध्यात्मिक उत्थान मंडल के अधिवेशन में कहां कि विकास की बहुत बातें होती है। सड़क बंगला गाडी के रहते भी यदि हमें अन्न, जल न मिले तो हमारा काम रुक जाएगा। इसलिए सड़क बंगला गाडी लाने के पहले हमें अपने अन्न और जल के लिए विचार करने की आवश्यकता है। अन्न जल की शुद्धि भी महत्वपूर्ण है। आज उर्वरक से उपजाए गए अनाज हमारे स्वास्थ्य को बिगाड रहे हैं। इसलिए सरकारों को शुद्ध पेयजल और देशी खाद के द्बारा उपजाए गए शुद्ध अन्न सबको मिलना सुनिश्चित करना चाहिए।



 
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