Charak Shapath Controversy: देश में पहली बार मेडिकल छात्रों ने ली महर्षि चरक शपथ, सरकार ने डीन को हटाया

Samachar Jagat | Monday, 02 May 2022 12:09:12 PM
For the first time in the country, medical students took 'Charak oath', enraged Tamil Nadu government removed the dean of Madurai College

चेन्नई: गवर्नमेंट मदुरै मेडिकल कॉलेज, तमिलनाडु के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों ने शनिवार (30 अप्रैल 2022) को दीक्षा समारोह यानी इंडक्शन ओरिएंटेशन सेरेमनी के दौरान हिप्पोक्रेटिक शपथ के स्थान पर 'महर्षि चरक शपथ' ली। देश में ऐसा पहली बार हुआ है, जब मेडिकल के छात्रों ने हिप्पोक्रेटिक की जगह महर्षि चरक की शपथ ली है। तमिलनाडु की एमके स्टालिन सरकार ने इस बदलाव पर परोक्ष रूप से नाराजगी जताई है। बताया जा रहा है कि तमिलनाडु के वित्त मंत्री पीटीआर पलानीवेल त्याग राजन और राजस्व मंत्री पी मूर्ति भी उस समय मौजूद थे जब छात्र दीक्षा समारोह में 'महर्षि चरक शपथ' ले रहे थे।

खबरों के मुताबिक, 'महर्षि चरक शपथ' दिलाने के मामले में राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कॉलेज के डीन डॉ ए रथिनवेल को उनके पद से हटा दिया है. तमिलनाडु सरकार ने डीन का तबादला कर उन्हें प्रतीक्षा सूची में डाल दिया है। तमिलनाडु सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है, 'सभी मेडिकल कॉलेज लंबे समय से मेडिकल छात्रों को हिप्पोक्रेटिक शपथ दिलाते रहे हैं। ऐसे में हिप्पोक्रेटिक शपथ के स्थान पर महर्षि चरक की शपथ लेना निंदनीय है। कॉलेज के डीन को उनके पद से हटाकर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है। तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम ने चिकित्सा विभाग के निदेशक डॉ. नारायण बाबू को नियमों के उल्लंघन की जांच करने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार ने कहा है कि वह सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्रमुखों को एक सर्कुलर के जरिए हर समय छात्रों को हिप्पोक्रेटिक शपथ दिलाने के लिए कहेगी.
 
बता दें कि हाल ही में चिकित्सा शिक्षा नियामक राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने एमबीबीएस के नए पाठ्यक्रम में 'हिप्पोक्रेटिक शपथ' की जगह देश में पढ़ने वाले छात्रों के लिए 'महर्षि चरक शपथ' की सिफारिश की थी। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार चिकित्सा शिक्षा में अभ्यर्थी के प्रवेश पर संशोधित 'महर्षि चरक शपथ' लेने की अनुशंसा की जाती है। कुछ दिन पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी संसद में कहा था कि 'महर्षि चरक शपथ' वैकल्पिक होगी और मेडिकल छात्र इसे लेने के लिए बाध्य नहीं होंगे।

चरक शपथ और हिप्पोक्रेटिक शपथ में क्या अंतर है?

आपको बता दें कि शपथ की विधि जो वर्तमान समय में मौजूद है, वह हिप्पोक्रेट्स यानी यूनानी दार्शनिक और चिकित्सक हिप्पोक्रेट्स के नाम से ली जाती है। हिप्पोक्रेट्स को चिकित्सा का जनक भी कहा जाता है। यह शपथ व्हाइट कोट सेरेमनी के दौरान ली जाती है। सालों से दुनिया भर के डॉक्टर यह शपथ लेते आ रहे हैं। अब जिस शपथ की संस्तुति की गई है वह आयुर्वेद के महान चिकित्सक महर्षि चरक के नाम पर है। महर्षि चरक एक भारतीय थे और उन्हें आयुर्वेद का जनक भी माना जाता है। उन्होंने ही यह शपथ लिखी थी, जो आयुर्वेद का संस्कृत ग्रंथ है। दोनों शपथों का अर्थ लगभग एक ही है, लेकिन भाषा और इसकी उत्पत्ति अलग-अलग हैं।



 

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