पाएं सम्मान / चैत्री नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के दौरान करें इस मंत्र का जाप, मिलेगी बड़ी समस्या से निजात

Samachar Jagat | Saturday, 02 Apr 2022 11:32:26 AM
Get respect / Chaitri Chant this mantra during the worship of mother Shailaputri on the first day of Navratri, get rid of big problem

चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 2 अप्रैल से शुरू हो रहा है। नवरात्रि के नौ दिनों तक क्रमश: शैलपुत्री, बहमाचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।

  • चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 2 अप्रैल से शुरू हो रहा है
  • शैलपुत्री की पूजा करने से मिलेगा मान सम्मान
  • कुंवारी कन्याओं के विवाह में आने वाली मुश्किलें होंगी पूरी
  • शैलपुत्री की पूजा का महत्व

इस चैत्र नवरात्रि में 2 अप्रैल को शैलपुत्री की पूजा की जाएगी. आइए जानते हैं मां शैलपुत्री के पूजन विधि, मंत्र और पवित्र प्रसाद के बारे में। मार्कंडेय पुराण के अनुसार, शैलपुत्री की उचित पूजा से अच्छे स्वास्थ्य और सम्मान का आशीर्वाद मिलता है। इसके अलावा कुंवारी कन्याओं के विवाह में आने वाली मुश्किलें भी पूरी होंगी। मां शैलपुत्री को सफेद फूल बहुत प्रिय हैं। इसलिए इनकी पूजा में सफेद फूलों का प्रयोग करना चाहिए। इसके अलावा उनकी पूजा में सफेद मिठाई का भोग लगाना चाहिए। आप सफेद बर्फ और दूध से बनी शुद्ध मिठाइयों का भी सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा मां को सफेद वस्त्र अर्पित करना अधिक लाभदायक होगा।

आप शैलपुत्री को कैसे मानते हैं?

नवरात्रि के पहले दिन किसी शुद्ध लाल या सफेद आसन पर शैलपुत्री की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। सफेद चीज शैलपुत्री को बहुत प्रिय होती है। उन्हें सफेद पोशाक या सफेद फूल चढ़ाएं। इसके साथ सफेद चीजों का त्याग करें। जीवन में नकारात्मक शक्तियों को नष्ट करने के लिए शैलपुत्री को एक पत्ते में सुपारी, लौंग और चीनी समर्पित करें।

शैलपुत्री पूजा मंत्र

या देवी सर्वभूतेशु शैलपुत्री रूपेन संस्था
नमस्तास्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नामा:

शिवरूप वृष वाहिनी हिमकन्या शुभांगिनी
पद्म त्रिशूल हस्त धारिणी
रत्नायुक्त कल्याणकारिणी
ओम ऐन ही क्लीन शैलपुत्र्यै नम:



 

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