Muharram 2022: जानिए तारीख, इतिहास और इस्लामी कैलेंडर के अनुसार मुहर्रम का महत्व

Samachar Jagat | Tuesday, 09 Aug 2022 11:41:45 AM
Muharram 2022: Date, History, Significance of Ashura on Islamic Calendar

मुहर्रम एक ऐसा त्योहार है जिसे इस्लामिक कैलेंडर के पहले महीने के रूप में मनाया जाता है। मुहर्रम हिजरी के रूप में भी जाना जाता है। मुहर्रम को पवित्र माना जाता है क्योंकि इस शब्द का अर्थ 'निषिद्ध' है। मुस्लिम समुदाय के अधिकांश लोग महीने के दौरान उपवास रखते हैं। इसे प्रार्थना, आत्मनिरीक्षण और तपस्या का समय मानते हैं।इस महीने के दौरान मुसलमान नए और सुन्दर कपड़े पहनने से परहेज करते हैं। खासकर महीने के 10 वें दिन जिसे आशूरा कहा जाता है।

इसके अलावा मुसलमान इस महीने के दौरान शादी करने या किसी भी तरह के उत्सव में शामिल होने से बचते हैं।मुसलमान मस्जिदों में नमाज़ अदा करने और नोहस कहे जाने वाले धार्मिक भजनों का पाठ करने के लिए जाते हैं। वे इस महीने के दौरान कई धर्मार्थ गतिविधियों में भी शामिल होते हैं। कुछ लोग गरीबों को दान देते हैं और भोजन वितरण कार्यक्रम आयोजित करते हैं।

इस्लाम के अनुसार, पैगंबर मुहम्मद ने इस पवित्र महीने को 'अल्लाह का पवित्र महीना' कहा जाता है। 2022 में मुहर्रम का महीना 31 जुलाई से शुरू हो रहा है। दसवां दिन यानि आशूरा 7 अगस्त की शाम को शुरू हुआ और 8 अगस्त की शाम को खत्म होगा।

गौरतलब है कि हर साल आशुरा की तिथि बदल जाती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा के चक्रों पर निर्भर करता है। इसलिए इस्लामिक कैलेंडर ग्रेगोरियन कैलेंडर से 13 दिन छोटा है।इस साल, मुहर्रम का पहला दिन 30 जुलाई को खाड़ी देशों द्वारा मनाया गया। कई मुसलमानों ने आज यौम ए आशूरा मनाया क्योंकि खाड़ी देशों ने इसे आधिकारिक तिथि के रूप में चिह्नित किया था। इस बीच अन्य देशों ने अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की है।अशूरा के दिन मुहर्रम का चांद दिखना जरूरी है। इस्लामी मान्यता के अनुसार आशूरा का उपवास धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि पैगंबर मोहम्मद ने इस दिन मक्का और मदीना में उपवास रखा था।



 

Copyright @ 2023 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.