Proning For Covid-19 Patients : आप कोरोना से संक्रमित हैं और होम आइसोलेशन में हैं तो Proning की ये प्रक्रिया अपनाएं, सांस लेने में नहीं होगी तकलीफ, स्वास्थ्य मंत्रालय ने ट्वीट कर बताया

Samachar Jagat | Saturday, 24 Apr 2021 10:20:02 AM
Proning For Covid-19 Patients: If you are infected with corona and are in home isolation, then follow this process of proning, there will not be trouble in breathing, Ministry of Health tweeted.

लाइफस्टाइल डेस्क। कोरोना के मरीजों के लिए जिंदा रहने के लिए आक्सीजन पहली प्राथमिकता बन गई है। सही समय और तय समय तक यदि कोरोना से पीड़ित मरीज को आक्सीजन मुहैया नहीं कराई जाए तो वह दम तोड़ रहा है। देशभर में आक्सीजन की कमी देखी जा रही है। क्योंकि कोरोना मरीजों की संख्या बड़ी तेजी से बढ़ रही है। अस्पतालों में जगह नहीं है। सरकार की ओर से आक्सीजन ट्रेन, गुरुद्वारा कमेटी की ओर से आक्सीजन लंगर लगाए जा रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक और उपाय बताया है जिससे कोरोना मरीजों को सांस लेने में तकलीफ नहीं होगी।

 

#Unite2FightCorona

Proning as an aid to help you breathe better during #COVID19 pic.twitter.com/FCr59v1AST — Ministry of Health (@MoHFW_INDIA) April 22, 2021

कोरोना संकट के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस के मरीजों की घर पर ही देखभाल के लिए ‘प्रोनिंग’ प्रक्रिया की सलाह दी है। ऐसा माना जा रहा है कि ये अत्यंत लाभकारी है, जिन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है। क्वारंटाइन में रह रहे लोगों के लिए ये बेहतर विकल्प है। प्रोनिंग की प्रक्रिया के तहत किसी मरीज को पीठ से घुमाकर सटीक एवं सुरक्षित तरीके से पेट के बल लाना होता है। इससे मरीज चेहरे के नीचे की तरफ कर लेटने की मुद्रा में रहता और उसे इस दौरान की गई प्रक्रिया से सांस लेने में दिक्कत नहीं होती।

प्रोनिंग के बारे में कहा गया है कि ये चिकित्सीय रूप से स्वीकार्य मुद्रा है जिससे सांस लेने में आराम और ऑक्सीजन के स्तर में सुधार होता है। यह सांस लेने की तकलीफ वाले कोविड-19 मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है। ये एक तरह का योगासन है। इस आसन से हवा लेने-छोड़ने में सुधार होता है। फेफड़ों की वायु थैलियां खुलती हैं और सांस लेना आसान होता है।



 
loading...




Copyright @ 2021 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.