शनिदेव के ये 3 मंत्र हैं बेहद शक्तिशाली, इस विधि से जाप करने से मिलता हैं सबकुछ

Samachar Jagat | Tuesday, 03 Aug 2021 02:12:24 PM
These 3 mantras of Shani Dev are very powerful, chanting this method gives everything


जैसा कि आप सभी जानते हैं शनिदेव को न्याय का देवता भी कहा जाता हैं. ये अच्छे लोगो के साथ अच्छा करते हैं और बुरे लोगो के साथ बुरा करते हैं. यही वजह हैं कि कई लोग इनकी पूजा करने तक से डरते हैं क्योंकि जब कोई पापी या बुरा इंसान इनकी पूजा करता हैं तो उसे सजा पाने का डर सताता रहता हैं. लेकिन हम आपको बता दे कि यदि आप ने जीवन में कुछ गलत क्या हैं तो आप एक ख़ास मंत्र पढ़कर शनिदेव से क्षमा मांग सकते हैं. इससे आपके ऊपर चल रहे शनि के दुष्प्रभाव ख़त्म हो जाएंगे. साथ ही हम आपको कुछ ऐसे मंत्र भी बताएँगे जिनका जाप करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होगी.

यदि आप शनिदेव कि प्रसन्न करने में कामयाब हो जाते हैं तो ये आपके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी. शनिदेव का आशीर्वाद जिस व्यक्ति को मिल जाता है उसके सभी काम बिना किसी रुकावट के पूर्ण हो जाते हैं. साथ ही आपके सभी दुश्मन भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाते हैं. तो चलिए बिना किसी देरी के इन उपायों को जान लेते हैं.

पहला मंत्र – आपराधसहस्त्राणि क्रियन्तेहर्निशं मया। दासोयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वर।। गतं पापं गतं दुःखं गतं दारिद्र्य मेव च आगता: सुख संपत्ति पुण्योहम तव दर्शनात ।।

दोस्तों इस मंत्र का जाप आपको शनिदेव के सामने अपने पुराने या वर्तमान के पापो की मुक्ति के लिए करना हैं. यदि आप ने कभी किसी के साथ जाने या अंजाने में कुछ बुरा किया है तो आप इस मंत्र का जाप कर शनिदेव से माफ़ी मांग सकते हैं. ऐसा करने से आपकी किस्मत में कुछ भी बुरा घटित नहीं होगा. इस मंत्र को जपने के पूर्व आप काले रंग के वस्त्र पहने और काजल या राख से माथे पर टिका भी लगा ले. इसके बाद शानिदेव की प्रतिमा के सामने एक तेल का दीपक जलाए और इस मंत्र का उच्चारण 7 बार करे. इसे आपको तीन शनिवार तक लगातार करना हैं.

दूसरा मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे पुष्टिवर्धनम। उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षयी मा मृतात।।

यदि आपके भाग्य में सब कुछ बुरा ही हो रहा हैं और कई साडी मुसीबतें आपके ऊपर बैठी हैं तो ये मंत्र आपके बड़ा काम आएगा. इस मंत्र के उच्चारण से शनि की साढ़े सती भी चली जाती हैं. ये मंत्र आपके भाग्य से सभी बुरी चीजों को हटाने का काम करता हैं. इसका जाप करने के लिए आप माथे पर चन्दन का टिका लगाए और शनिदेव को तिल का तेल चढ़ाते हुए इसका उच्चारण तब तक करे जब तक कि तेल ख़त्म ना हो जाए. इसके साथ ही उस दिन शनिदेव के नाम का व्रत भी रखे. ऐसा आप लगातार 5 शनिवार तक करे.

तीसरा मंत्र – ॐ शनिदेव नमस्तेस्तु गृहाण करुणा कर। अर्घ्यं च फलं संयुक्तमं गंधामाल्याक्षतै युतम।।

इस मंत्र का जाप करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और आपकी मन की इच्छा पूर्ण करते हैं. इसलिए इसका इस्तेमाल आप अपने किसी भी काम को जल्द करने के लिए और शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कर सकते हैं. इसे आप 7 शनिवर तक लगातार इस विधि से जपे. सबसे पहले आप काले रंग के कपड़े पहने और किसी शानिमंदिर जाकर वहां शनिदेव को चन्दन का लेप लगाए. यदि आप मंदिर में ऐसा नहीं कर सकते तो घर में भी उकी प्रतिमा पर चन्दन का लेप या टिका लगा सकते हैं. इसके बाद तेल के तीन दीपक उनके सामने जलाए और इस मंत्र को 21 बार बोले. साथ ही इस दिन शनिदेव का व्रत रखे. आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होगी.



 

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