Viral Home Remedies : सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा ऑक्‍सीजन लेवल बढ़ाने का ये घरेलू नुस्खा, आप भी जानें क्या वाकई आपकी 'सेहत की पोटली' कारगर है..?

Samachar Jagat | Friday, 23 Apr 2021 11:48:57 AM
Viral Home Remedies: This homely recipe of increasing the oxygen level is being shared on social media fast, you also know whether your smellingclovesandcelerybundle is effective ..?

लाइफस्टाइल डेस्क। देश में कोरोना संक्रमण बड़ी तेजी के साथ बढ़ रहा है। वहीं इसी तेजी के साथ कोरोना को दूर करने वाले घरेलू नुस्खों की भी बाढ़ सी आ गई है। सोशल मीडिया पर कई लोग अपनी-अपनी तरह से कोरोना वायरस को दूर करने का मंत्र दे रहे हैं। कोई पापड़ से कोरोना भगा रहा है तो कोई कपूर से। इसी बीच एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि कपूर, लौंग, अजवाइन और नीलगिरी के तेल की एक पोटली बनाकर सूंघा जाए तो ऑक्‍सीजन लेवल बढ़ सकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल खबरों के बीच बड़े नेता भी इन्हें शेयर करने से नहीं चूक रहे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने भी इसे शेयर किया है। उन्होंने फेसबुक पर इसे 'सेहत की पोटली' कैप्शन दिया है। उन्होंने लिखा है कि कपूर, लौंग और अजवाइन का मिश्रण बनाकर इसमें कुछ बूंदे नीलगिरी के तेल को मिलाकर इस तरह की पोटली बना लें। दिनभर के कामकाज के दौरान बीच-बीच में सूंघते रहें। यह ऑक्सीजन लेवल बनाए रखने में मदद करता है।

हालांकि सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे इस घरेलू नुस्खे से वैज्ञानिक कतई इत्तेफाक नहीं रखते। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह की पोटली को बार बार सूंघन से कई तरह के साइड इफेक्‍ट भी हो सकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका कोरोना वायरस से कोई लेनादेना नहीं है। कपूर एक ज्‍वलनशील सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ है जिसमें तेज सुगंध होती है। दर्द और खुजली कम करने के लिए इसका इस्‍तेमाल शरीर पर किया जा सकता है।

कपूर तो खास तौर पर बच्‍चों के लिए भी काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है। ये एक मिनट के अंदर गंभीर विषाक्त पदार्थ पैदा कर सकता है। अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ पॉइजन कंट्रोल सेंटर की एक रिपोर्ट में कपूर के जहर के लगभग 9,500 मामले थे, जिनमें से 10 लोगों की जान खतरे में थी। यहां तक की कपूर सूंघने से कई लोग दिव्यांग हुए हैं। एफडीए (FDA) भी कपूर के इस्‍तेमाल की सलाह कतई नहीं देता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि लौंग, दालचीनी, जायफल और तुलसी में यौगिक यूजेनॉल मौजूद है जो टॉक्सिसिटी का कारण बनते हैं। साथ ही ये भी तय है कि लौंग से ऑक्सीजन लेवल में कोई फर्क नहीं पड़ता। लौंग से ऑक्सीजन का कोई लेना-देना ही नहीं है।

 



 
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