घरबंदी के दौरान राहुल गांधी ने समाज के कमजोर लोगों की मदद को कहा

Samachar Jagat | Friday, 27 Mar 2020 01:09:16 AM
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कोरोना वायरस के खतरों से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार को लगातार चेताया था लेकिन सरकार ने उनकी चेतावनी को मजाक में उड़ाया. भाजपा और उसके समर्थकों ने भी राहुल गांधी का मजाक उड़ाया था लेकिन राहुल गांधी ने जिस बात की आशंका जताई थी वह सबके सामने है. कोरोना वायरस बड़े खतरे के तौर पर हमारे सामने है. देश में लॉकडाउन का एलान हो गया है. पूरे देश घरों में कैद है. इस बीमारी से अपने तरीके से हर कोई लड़ रहा है. लॉकडाउन के एलान के बाद ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोरोना वायरस के संकट से निपटने में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य लोगों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि सभी लोगों को सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए सामाजिक मेलजोल से दूर रहना चाहिए. उन्होंने एक संदेश में लोगों से यह अपील भी की कि वे संकट के इस समय में समाज के कमजोर लोगों, दिव्यांगों और बुजुर्गों की हर संभव मदद करें.



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राहुल गांधी ने कहा कि सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे कुछ देशों ने लोगों को सामाजिक मेलजोल से दूर रखकर और बड़े पैमाने पर जांच करके कोरोना पर नियंत्रण करने में सफलता हासिल की है. भारत में अगले तीन-चार हफ्ते अहम हैं और इस महामारी से निपटने के लिए जीवनशैली में तत्काल बदलाव की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सामाजिक रूप से अलग रहने का मतलब छुट्टियां मनाना नहीं है. गैरजरूरी यात्राओं और सामाजिक मेलजोल से कोरोना का खतरा बढ़ेगा. कांग्रेस नेता ने कहा कि लोगों को अपने तहत काम करने वालों को वैतनिक अवकाश देना चाहिए ताकि सभी की सुरक्षा हो सके. 

कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान की. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह पाबंदी लगी रहेगी. मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि जनता ने कर्फ्यू को सफल बनाया है. ऐसा नहीं है कि जो देश प्रभावित हैं वह प्रयास नहीं कर रहे हैं और न ऐसा है कि वहां संसाधनों की कमी है. इन देशों को दो महीने के अध्ययन से यही निष्कर्ष निकल रहा है कि एक मात्र रास्ता है सोशल डिस्टेंसिंग यानी अपने घरों में बंद रहना इसके अलावा कोई और रास्ता नहीं है. मोदी के लॉकडाउन की घोषणा के बाद कांग्रेस की प्रतिक्रिया आई. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया कि आदरणीय मोदी जी, देश तो लॉकडाउन का हर आग्रह मानेगा. पर आपने करोना की महामारी को रोकने के लिए क्या किया. स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा कैसे होगी. करोना से पैदा हुए रोज़ी रोटी के महासंकट का क्या हल किया. ग़रीब, मज़दूर, किसान, दुकानदार, दिहाड़ीदार के 21 दिन कैसे कटेंगे.

सुरजेवाला ने लिखा कि करोना से लड़ने के लिए डॉक्टर-नर्स-स्वास्थ्य कर्मियों को लैस करना ज़रूरी है पर उनके लिए एन-95 मास्क, थ्री प्लाई मास्क, हैज़्मैट सूट उपलब्ध क्यों नहीं. देश को मार्च में ही 7.25 लाख बॉडी सूट, 60 लाख एन-95 मास्क, एक करोड़ थ्री प्लाई मास्क की ज़रूरत है. ये कब मिलेंगे. दुर्भाग्यपूर्ण लेकिन सत्य! करोना के फैलाव के 84 दिन बाद आपकी सरकार ने आज 24 मार्च को वेंटिलेटर, सांस लेने के उपकरणों व हैंड सैनिटाइजर के निर्यात पर रोक लगाई है. करोना संक्रमण से लड़ने के लिए यही आपकी तैयारी है. अब जागे तो क्या जागे! उन्होंने कहा कि आपने करोना से लड़ने के लिए 50 मिनट के दो भाषण दिए. देश स्तब्ध है की करोड़ों कारखानों व खेत मज़दूरों, दिहाड़ीदारों, मनरेगा श्रमिकों, रेहड़ी-ठेलावालों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों की रोज़ी रोटी के लिए एक शब्द नहीं कहा. घरबंदी के 21 दिन ये अपने परिवारों का पेट कैसे पालेंगे.  (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).


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