बिहार के स्वास्थ्य मंत्री का गृह जिला ही कोरोना से सबसे ज्यादा बीमार

Samachar Jagat | Wednesday, 20 May 2020 12:29:55 PM
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बिहार में कोरोना का संक्रमण है जरूर लेकिन ज्यादातर जिले इस महामारी से अछूते हैं या सरकारी भाषा में कहें तो ग्रीन जोन में हैं. बिहार की आबादी को देखते हुए इसे ठीक कहा जा सकता है. क्योंकि बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं का जो हाल है, अगर संक्रमण ज्यादा फैलता तो परेशानी हो सकती थी. बिहार के स्वास्थ्य मंत्री हैं मंगल पांडेय. ज्यादातर समय वे उद्घाटन और फीता काटने में ही बिताते रहे हैं. बिहार में चमकी बुखार का जोर था तब वे सम्मान समारोहों में मशगूल रहे थे. इसके लिए उनकी आलोचना भी हुई. कोरोना से निपटने को लेकर उनके पास कोई ठोस सोच नहीं है. भाजपा कोटे से मंत्री हैं तो जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह देते हैं, उसे ही रिकार्ड की तरह बजाते हैं. अब नरेंद्र मोदी ने गमछा क्या लपेटा कि बिहार भाजपा में गमछा के लिए मारामारी है. तो मंगल पांडेय भी समय-समय पर वही राग गाते रहते हैं. सीवान उनका गृह जिला है और कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज उनके ही जिले से आते हैं. इसलिए भी स्वास्थ्य मंत्री पर सवाल उठ रहे हैं.

वैसे राज्य सरकार का कहना है कि इनमें एक प्रमुख व्यक्ति का इतिहास विदेश से लौटने का था. उस व्यक्ति को घर से बाहर क्वारेंटीन भी किया गया था. बीमारी के लक्षण पाए जाने के बाद में उसकी जांच कराने पर उसमें कोरोना पॉजेटिव पाया गया. जब उसके परिवार वालों में से अधिकांश व्यक्तियों में कोई लक्षण नहीं थे, लेकिन इसके बावजूद जब जांच की गई तो परिवार के ग्यारह व्यक्तियों जिसमें परिवार की अधिकांश महिलाएं और कुछ बच्चे भी शामिल हैं, की रिपोर्ट पॉज़िटिव आई है. विदेश से लौटे व्यक्ति का हालांकि दावा है कि जब वह विदेश से लौटा तो वह अपने घर में न आकर घर के बाहर ही रहा करता था.

लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि हो सकता है कि रात में वह अपने घर में सोता होगा जिसके कारण इस बीमारी का संक्रमण परिवार के अन्य लोगों में भी पाया गया. फिलहाल इस व्यक्ति के गांव को सील कर दिया गया है. अब जिला प्रशासन उन लोगों का पता लगा रहा है जो पिछले दिनों में उसके और उसके परिवार के संपर्क में आए थे. उन सभी को आइसोलेशन सेंटर में रखा जाएगा. राज्य में इससे पहले मुंगेर के एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. उसके व उसके परिवार के संपर्क में आने के कारण दस व्यक्ति संक्रमित हुए थे. हालांकि इलाज के बाद अधिकांश व्यक्तियों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है. लेकिन सीवान का मामला सामने आने के बाद विपक्ष के निशाने पर तो हैं ही मंगल पांडेय. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विशलेषण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).




 
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