तो अब उत्तर प्रदेश में आजादी का नारा लगाना देशद्रोह माना जाएगा

Samachar Jagat | Thursday, 23 Jan 2020 03:22:38 PM
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भाषा पर फिर सवाल उठने लगे हैं. पिछले महीने सीएए के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर उन्होंने बदला लेने की बात कही थी तो विपक्ष ने उन पर निशाना साधा था. अब प्रदर्शनकारियों को कहा है कि संपत्ति का नुकसान हुआ तो आने वाली पीढ़ियां याद करेंगी कि हम कैसे काम करते हैं. कानपुर से सार्वजनक मंच से उनका यह एलान बहुतों को नागवार गुजरा है. आजादी के नारे लगाने वालों को भी धमकी देकर वे सवालों में घिर गए हैं. सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह भाषा किसी मुख्यमंत्री की हो सकती है. उन्होंने मुसलिम औरतों के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कांग्रेस, सपा और वामपंथी दलों पर आरोप लगाया कि विपक्षी दल महज राजनीति कर रहे हैं और विरोध के लिए अलग-अलग हथकंडे अपना रहे हैं. विरोध के नाम पर महिलाओं को आगे किया जा रहा है.

औरतें घरों से निकल कर सड़कों पर बड़ी तादाद में उतरीं हैं और योगी आदित्यनाथ को यह बात लगता है परेशान कर रही है इसलिए अमर्यादित टिप्पणी उन्होंने की और कहा कि औरतों को आगे कर वे यानी मर्द रजाई में सो रहे हैं. उनकी इस तरह की भाषा को लेकर सभ्य समाज में बेतरह नाराजगी है. लोगों का कहना है कि यह भाषा संवैधानिक पद पर बैठे किसी मुख्यमंत्री की तो नहीं ही हो सकती है. योगी आदित्यनाथ पहले भी अपनी पुलिस को सार्वजनिक तौर पर ठोक दो कहने की वजह से फंस चुके हैं.

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ महिलाओं के प्रदर्शन पर योगी आदित्‍यनाथ ने तीखा हमला किया और कहा कि कुछ लोगों में इतनी हिम्मत नहीं कि वे स्वयं आंदोलन करें, इसलिए घर की महिलाओं और बच्चों को चौराहों पर बैठा दिया है. पुरुष घर में रजाई में सो रहे हैं और महिलाएं चौराहे पर हैं. कानपुर के साकेतनगर स्थित मैदान में सीएए के समर्थन में आयोजित रैली में योगी ने कहा कि प्रदर्शन के नाम पर हिंसा को बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि और अब तो इन लोगों में इतनी भी हिम्मत नहीं रही कि यह लोग स्वयं आंदोलन करने की स्थिति में हो क्योंकि इन्हें मालूम है कि अगर यह तोड़फोड़ करेंगे तो इनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी. अपने घर की महिलाओं को चौराहे चौराहे पर बिठाना प्रारंभ कर दिया है, बच्चों को बिठाना प्रारंभ कर दिया है. इतना बड़ा अपराध कि पुरूष घर में सो रहा है रजाई ओढ़कर और महिलाओं को आगे करके चौराहे-चौराहे पर बिठाया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं फिर इस मंच से कहूंगा कि लोकतंत्र में धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से करने व ज्ञापन देना सब का अधिकार है. लेकिन, कोई सार्वजनिक संपत्ति को, व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जलाएगा, तोड़फोड़ करेगा तो हम उसकी संपत्ति से वसूली करके ले लेंगे और आगे के लिए हम उनको वह सजा देंगे कि आने वाली पीढ़ी उन्हें याद करेगी कि कैसे कार्य होते हैं. सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कीमत क्या होती है इसके बारे में उनको दस बार सोचना पड़ेगा.

उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे महज राजनीति कर रहे हैं और विरोध के लिए अलग-अलग हथकंडे अपना रहे हैं. विरोध के नाम पर महिलाओं को आगे किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आप जा कर पूछें उनसे कि धरने पर क्यों बैठे हैं तो कहते हैं कि घर के मर्द कहते है कि हम इतने अक्षम हो चुके हैं कि कुछ कर सकें इसलिए तुम धरने पर जाकर बैठ जाओ. उनके लिए देश महत्त्वपूर्ण नहीं है.

योगी आदित्‍यनाथ ने नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि आजादी के नारे लगाना देशद्रोह माना जाएगा और उसी के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी. योगी ने कहा कि अगर किसी ने प्रदर्शन के नाम पर आजादी के नारे लगाए, इसे देशद्रोह की तरह माना जाएगा और सरकार सख्‍त कार्रवाई करेगी. यह स्‍वीकार नहीं किया जा सकता. लोगों को भारत की मिट्टी से ही भारत के खिलाफ साजिश करने की इजाजत नहीं दी जा सकती. उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई की भी लगातार खबरें आ रही हैं. लखनऊ के मशहूर क्‍लॉक टावर के पास नागरिकता कानून के खिलाफ अनिश्चित कालीन प्रदर्शन कर रहे लोगों, जिनमें ज्‍यादातर महिलाएं थीं, उनके खिलाफ दंगा करने और गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने के आरोप लगे हैं.

पुलिस ने मामले में तीन एफआईआर दर्ज की हैं जिनमें मशहूर उर्दू शायर मुनव्‍वर राना की बेटी सुमैया राणा और फौजिया राना को भी नामजद किया गया है. पुलिस पर लोगों के कंबल और खाना तक उठा ले जाने के आरोप लगे. इन आरोपों को खारिज करते हुए लखनऊ पुलिस ने कहा कि पूरी कानूनी प्रक्रिया के बाद कंबल जब्‍त किए गए हैं. इटावा से सामने आए कुछ वीडियो में पुलिस महिला प्रदर्शनकारियों को दौड़ाती दिख रही है. वहीं कुछ में जबरदस्‍ती दुकानों को बंद कराती भी दिख रही है. इटावा पुलिस ने ट्वीट कर बताया कि प्रदर्शनस्‍थलों पर प्रदर्शनकारियों की निगरानी के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



 

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