तो दिल्ली के व्यापारियों ने भी भाजपा से मुंह मोड़ा, केजरीवाल की बल्ले-बल्ले

Samachar Jagat | Monday, 13 Jan 2020 04:52:46 AM
3403705908848884

दिल्ली में विधानसभा चुनाव अगले महीने होने वाले हैं. चुनाव की तैयारी आम आदमी पार्टी ने भी शुरू कर दी है और दिल्ली पर कब्जा जमाने की कोशिश में लगी भाजपा ने भी. वोटरों को लुभाने के लिए हर तरह का तिकड़म हो रहा है. चौपालें लगाई जा रहीं हैं. सभा-सम्मेलन हो रहे हैं. लोगों तक पहुंचतने के लिए हर प्रयास किए जा रहे हैं. भाजपा ने इसी तरह का प्रयास व्यापारियों को लुभाने के लए किया. माना जाता है कि व्यापारी वर्ग भाजपा का परंपागत वोट बैंक है लेकिन भाजपा को मायूसी हाथ लगी. उसकी परेशानी बढ़ गई है क्योंकि अरविंद केजरीवाल भी व्यापारियों तक पहुंच बनाने में कामयाब रहे हैं.

भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में 'विशाल व्यापारी सम्मेलन' का आयोजन कियाथा. उम्मीद थी कि इस सम्मेलन से भाजपा व्यापारियों में अपनी पैठ का प्रदर्शन करेगी, लेकिन भाजपा का यह सम्मेलन फ्लाप साबित हुआ. स्टेडियम में इतने व्यापारी भी नहीं जुट सके कि सारी कर्सियां भर सकें. एक तरफ अपेक्षाकृत कम व्यापारियों ने इस सम्मेलन में शिरकत की तो दूसरी तरफ इस सम्मेलन की सबसे अहम और मुख्य वक्ता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस कार्यक्रम में पहुंचीं ही नहीं. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी काफी देरी से इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे. व्यापारी सम्मेलन के लिए भाजपा ने दोपहर ढाई बजे का समय रखा था, लेकिन पीयूष गोयल शाम साढ़े पांच बजे इस कार्यक्रम में पहुंचे तो ज़्यादातर व्यापारी जा चुके थे. 

पीयूष गोयल ने सम्मेलन में मौजूद भाजपा नेताओं और वहां पर मौजूद व्यापारियों को आने में देरी की वजह बताते हुए कहा कि मेरी मुंबई से सुबह साढ़े दस बजे की फ्लाइट थी जो समय पर उड़ान नहीं भर पाई. मेरे विमान ने दोपह साढ़े तीन बजे टेक ऑफ किया. इस वजह से मुझे यहां आने में देरी हुई मैं आप सब से माफी चाहता हूं. भाजपा के लिए व्यापारी वह वर्ग है जो उसको नोट और वोट दोनों देता है. यह हमेशा माना जाता है कि व्यापारी वर्ग मुख्यतः किसी भी सूरत में भाजपा को ही समर्थन देता है. ऐसे में ठीक चुनाव से पहले व्यापारी वर्ग का भाजपा से नहीं जुड़ना भाजपा के लिए चिंता का विषय जरूर है.

वैसे व्यापारी सम्मेलन में व्यापारियों की तरफ से जो सबसे बड़ा मुद्दा उठाया गया वह था सीलिंग का मुद्दा. व्यापारी नेता प्रवीण खंडेलवाल ने कार्यक्रम में मौजूद अहम और मुख्य वक्ताओं में से एक केंद्रीय आवासन व शहरी कार्य मंत्री हरदीप पुरी से मांग की कि जिस तरह से आपने दिल्ली की 1731 अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का कानून पास किया है ठीक उसी तरह आप व्यापारियों को सीलिंग के रावण के निजात दिलाइए. एक कट ऑफ डेट तय करें जिससे अभी तक जिन की दुकानें और प्रतिष्ठान सील हुए हैं उनको माफी मिल सके और मॉनिटरिंग कमेटी ने जो अब तक करीब नौ हजार दुकान या प्रतिष्ठान सील किए हैं उनको डीसील किया जा सके.

इसका जवाब देते हुए केंद्रीय आवासन व शहरी कार्य मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि इस मामले का कानूनी हल ढूंढना जरूरी है. मेरी पार्टी के लोग भी कई बार मुझे कहते हैं कि एक अध्यादेश लाकर सेलिंग पर रोक लगाई जाए. लेकिन मेरा कहना है कि अगर हम इस तरह से अध्यादेश लाएंगे तो सुप्रीम कोर्ट में वह रद्द हो जाएगा. जबकि भाजपा दावा कर रही है कि वह हमेशा व्यापारियों के साथ खड़ी रही. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा की भाजपा व्यापारियों के साथ सड़क पर संघर्ष कर रही थी.

तिवारी ने अपना मामला बताते हुए कहा कि खुद मैंने सीलिंग तोड़ी थी. उस समय लोगों ने मुझे कहा कि तुम अपना भविष्य दांव पर लगा रहे हो, सुप्रीम कोर्ट का मामला है हो सकता है तुम आगे चुनाव न लड़ सको, लेकिन मैंने भी कहा कि ऐसा चुनाव लड़के क्या करना है जिसमें लोगों के काम ना आ सकूं. मनोज तिवारी ने दावा किया कि हमने दिल्ली में सीलिंग के नब्बे फीसद रास्ते बंद कर दिए हैं और जल्द ही आने वाले समय में हम लोग डी-सीलिंग ड्राइव चलाएंगे. बहरहाल इन दावों और वादों से परे भाजपा के लिए परेशानी की बात यह है कि व्यापारियों का एक तबका अब आप के साथ है. भाजपा के सम्मेलन में व्यापारियों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई. इससे भाजपा नेताओं को आने वाले चुनाव नतीजों की आहट सुनाई पड़ रही है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2020 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.