आईसीयू में पड़ा था ताला, एंबुलेंस में तड़प रही थी महिला

Samachar Jagat | Wednesday, 08 Apr 2020 05:52:36 PM
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इसे अस्पताल प्रशासन की लापरवाही भले कहा जाए लेकिन इसने मानवता को शर्मसार कर डाला है. अस्पताल की चूक ने एक महिला की मौत हो गई. अस्पताल से लेकर पूरा प्रशासन अब मामले को रफा-दफा करने में जुटा है. देश में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे की वजह से मेडिकल इमरजेंसी जैसा माहौल है. लेकिन इस माहौल के बावजूद बड़ी चूक सामने आई जब आईसीयू में ताला लटका मिला. इंसानियत को शर्मसार करने वाला वाकया शायद ही कहीं देखा गया हो, वह भी तब जब अस्पतालों को हर समय हालात से निपटने के लिए सरकार का खास निर्देश है. जिला प्रशासन ने अब मामले का संज्ञान लेकर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है.

मध्‍य प्रदेश में कोरोना के सबसे ज्‍यादा मरीज इंदौर में हैं मगर उज्‍जैन से भी सात पॉजिटिव केस सामने आए हैं. ऐसे में प्रशासन को पूरी तरह चौकन्‍ना रहना चाहिए कि इंदौर जैसे हालात उनके जिले में ना हों. लेकिन व्‍यवस्‍थाओं की पोल खुल गई. सरकारी अस्‍पताल में वेंटिलेटर नहीं मिला तो यहां की एक बुजुर्ग महिला को निजी अस्‍पताल ले जाया गया. इन्‍टेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में एडमिट नहीं किया जा सका क्‍योंकि उसके दरवाजे पर ताला पड़ा था. चाबी किसी स्‍टाफ के पास नहीं थी. इस दौरान महिला की हालत खराब होती चली गई. ताला तोड़ा गया. डॉक्‍टरों ने कोशिश की, मगर महिला की जान नहीं बचा सके.

लेकिन इन हालात में करीब आधा घंटे तक महिला मरीज एम्बुलेंस में ही आखिरी सांसें गिनती रही. आखिरकार कुछ देर बाद ही 55 साल की लक्ष्मी बाई की मौत हो गई. कोरोना वायरस से लड़ने और उसे हराने के संकल्प को लेकर शासन प्रशासन और देशवासी एक दिखाई दे रहे हैं लेकिन इस बीच उज्जैन के आर गार्डी मेडिकल कालेज से जो तस्वीरें सामने आई हैं वह शर्मसार और हैरान कर देने वाली हैं जिसके कारण एक महिला की मौत हो गई. यह मामला उज्जैन का है जहां 55 साल की लक्ष्मी बाई को सांस लेने में तकलीफ और ब्लड प्रेशर बढ़ा होने के कारण पहले परिवार वाले माधव नगर अस्पताल लेकर गए जहां पर महिला को भर्ती कर लिया गया. यहां देर रात में करोना संक्रमण का संदेह होने पर लक्ष्मी बाई को आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया. मेडिकल कॉलेज में आईसीयू के गेट पर ताला लगा मिला.

करीब आधे घंटे तक महिला बिना वेंटिलेटर के एंबुलेंस में ही अपनी आखिरी सांसें गिनती रही और महिला के परिजन आईसीयू खुलने का इंतजार करते रहे. मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने बड़ी मशक्कत के बाद आईसीयू का ताला खोला और महिला का इलाज शुरू किया लेकिन इस बीच ही समय पर इलाज नहीं मिलने के करण महिला ने दम तोड़ दिया. इसकी खबर मिलने के बाद उज्जैन के कलेक्टर शशांक मिश्रा ने कार्रवाई करते हुए माधव नगर अस्पताल प्रभारी डॉ महेश परमट और सिविल सर्जन डॉक्टर आरपी परमार को हटा दिया है. वहीं सीएमएचओ अनुसिया गवली ने अस्पताल प्रबंधन पर भी कार्रवाई की बात कही है. लेकिन इस घटना ने साबित कर दिया के मेडिकल इमरजंसी के हालात में भी हम मरीजों के साथ किस तरह से व्यवहार कर रहे हैं. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विशलेषण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



 

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