शिवसेना की भाजपा को दो टूक, मुख्यमंत्री तो हमारा ही होगा

Samachar Jagat | Friday, 01 Nov 2019 07:45:02 PM
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शिवसेना ने साफ कर दिया है कि महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री तो उनका ही होगा. पार्टी नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने दो टूक कहा, मुख्यमंत्री से कम पर समझौता नहीं. यानी शिवसेना अब भाजपा को आंखें दिखा रही है. शिवसेना ने तय कर लिया है कि अब वह 50-50 के फॉर्मूले से एक कदम पीछे नहीं हटेगी. शिवसेना की ओर से मोर्चा संभाल रहे संजय राउत ने कहा है कि महाराष्ट्र में भाजपा के साथ सरकार बनाने को लेकर कोई बात नहीं हो रही है और यह भी कहा कि महाराष्ट्र में अगला मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा. इसके साथ ही उन्होंने एक ट्वीट भी किया है जिसमें लिखा कि साहिब, मत पालिए, अहंकार को इतना, वक़्त के सागर में कई, सिकंदर डूब गए. इससे पहले संजय राउत ने एनसीपी नेता शरद पवार से मुलाकात की है इसके बाद इस बात के कयास लगने लगे कि शिवसेना एनसीपी के साथ मिलकर कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाएगी. हालांकि संजय राउत ने कहा है कि वे एनसीपी प्रमुख को दीपावली की बधाई देने गए थे. 

महाराष्ट्र में भाजपा को 105 सीटें और शिवसेना ने 56 सीटें मिली थीं और दोनों मिलकर आसानी से बहुमत का आंकड़ा 145 को पार लिया था. लेकिन शिवसेना का कहना है कि गठबंधन के समय ही ढाई-ढाई साल सरकार बनाने की बात पर सहमति बनी थी और भाजपा को उसे अब मानना चाहिए. शिवसेना का कहना है कि जनता ने इसी फॉर्मूले की वजह से दोनों दलों को बहुमत दिया है. लेकिन भाजपा का कहना है कि ऐसे किसी भी फॉर्मूले पर बातचीत नहीं हुई थी और महाराष्ट्र में पूरे पांच साल भाजपा का ही मुख्यमंत्री रहेगा.

भाजपा और शिवसेना के बीच मची खींचतान के बीच दिल्ली में महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से मिलने वाले हैं. संजय राउत के एनसीपी प्रमुख से मिलने के बाद इस बैठक को लेकर कयासबाजी भी तेज हो गई है. महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना में 50-50 फॉर्मूले को लेकर खींचतान जारी है और सरकार गठन पर पेच फंसा है. शिवसेना ने एकनाथ शिंदे को विधायक दल का नेता चुना है. आदित्य ठाकरे ने शिंदे के नाम का प्रस्ताव रखा था. शिंदे के नेतृत्व में सभी नवनिर्वाचित और सहयोगी विधायकों ने गुरुवार शाम राज्यपाल भग्त सिंह कोश्यारी से मुलाकात की. मुलाकात के बाद आदित्य ठाकरे ने कहा कि राज्यपाल से हमने किसानों के मुद्दे पर बात की.

आदित्य ने कहा कि हमने राज्यपाल से उन किसानों और मछुआरों को सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया, जिन्हें हाल ही में हुई बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने हमें भरोसा दिया है कि वे खुद केंद्र से इस बारे में बात करेंगे. इसके अलावा सरकार गठन को लेकर जब आदित्य से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं सरकार के गठन के बारे में बात नहीं करूंगा. उद्धव जी ने जो कहा, उस पर जो भी कहना होगा, वह कहेंगे, उनका शब्द अंतिम है. इससे पहले शिवसेना की बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमारी संख्या बल अच्छी है और मुख्यमंत्री पद पर हमारा हक है और हमारी ज़िद भी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पद हमेशा एक के लिए कायम नहीं रहता. बालासाहेब ठाकरे ने जिसे जो वचन दिया उसने उसका पालन किया. हम सत्ता के भूखे नहीं हैं, लेकिन भाजपा से जो बात हुई उसका पालन होना चाहिए. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



 

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