फिर पाकिस्तान पहुंच गए गिरिराज सिंह

Samachar Jagat | Friday, 21 Feb 2020 09:32:56 PM
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केंद्रीय मंत्री हैं गिरिराज सिंह. भाजपा के फायर ब्रांड नेता माने जाते हैं. उनकी पार्टी ही उन्हें ऐसा कहती रहती है. वे बार-बार पाकिस्तान जाते हैं और दूसरों को भी ले जाते हैं. हालांकि पार्टी उन्हें समझाती भी है. दिल्ली चुनाव हारने के बाद गिरिराज सिंह को पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लताड़ा भी था और कहा था कि विवादित बयानों से दूर रहें लेकिन गिरिराज सिंह हैं कि मानते नहीं. दिल्ली में पार्टी नेतृत्व के सामने सन्नाटा तान लेते हैं लेकिन दिल्ली से बिहार आते-आते उनका पाकिस्तान प्रेम जाग उठता है. प्रेम ऐसा जागता है कि हर किसी को पाकिस्तान जाने की नसीहत देते रहते हैं. बहुत सारे लोग तो उन्हें पाकिस्तान का ब्रांड राजदूत तक कहने लगे हैं. हाल ही में गिरिराज सिंह पूर्णिया में थे. कुछ सभा-सम्मेलन किया था. फिर मीडिया वालों से बात की. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने राग पाकिस्तान छेड़ ही दिया.

उन्होंने कहा कि 1947 में ही तमाम मुसलमानों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए था. पता नहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनके बयान से सहमत हैं या नहीं लेकिन भाजपा तो सहमत है. न भाजपा ने इसका खंडन किया है और न ही श्रीमान नीतीश कुमार और उनके बयानबहादुरों ने इस पर मुंह खोला है. वैसे भी अभी पाकिस्तान के चर्चे खूब हो रहे हैं. असदुद्दीन ओवैसी की सभा में पाकिस्तान के नारे गूंज रहे हैं और गिरिराज सिंह इसे विस्तार देने में लगे हैं. दोनों की सियासत भी तो इसी पर टिकी है.

गिरिराज सिंह बिहार में आजकल उन ज़िलों में सभाएं कर रहे हैं जहां जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार अपनी जन गण मन यात्रा में जनसभा को संबोधित कर रहे हैं. गिरिराज सिंह ने कहा नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध के नाम पर भारत विरोधी एजेंडा चल रहा है. सीएए पर जो जुबान पाकिस्तान बोलता है वही कांग्रेस, जदयू और कम्यूनिस्ट सभी लोग बोल रहे हैं. इसलिए मैं कह रहा हूं कि जब दिल्ली के शाहीन बाग में शरजील इमाम कहता है कि इस्लामिक स्टेट बनाएंगे और भारत के चिकन नेक को काट देंगे, तब यह लोकतांत्रिक नहीं बल्कि खिलाफत आंदोलन हो जाता है. हालांकि गिरिराज सिंह से पूछा जा सकता है कि वे खिलाफत आंदोलन के बारे में क्या और कितना जानते हैं.

गिरिराज सिंह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय पर सवाल उठाते हैं लेकिन अपने बयानों का जिक्र नहीं करते कि वे देश को कितना तोड़ रहे हैं. एएमयू का जिक्र करते हुए गिरिराज कहते हैं कि एक छात्र कहता है कि जो हमारी कौम से टकराया है वह बर्बाद हुआ है. यहां भी जो हमसे टकराएगा, बर्बाद हो जाएगा. हद तो तब हो जाती है जब हैदराबाद में कहा जाता है कि अगर सीएए वापस नहीं लिया गया तो हम ईंट से ईंट बजा देंगे. हैदराबाद में ही कहा जाता है कि अगर पंद्रह मिनट छूट दे दी जाए तो यहां के हिंदुओं को दिखा दूंगा.

गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत तेरे टुकड़े-टुकड़े होंगे के नारे लगते हैं. इसलिए आज समय आ गया है कि देश को राष्ट्र के प्रति समर्पित होना होगा. उन्होंने आजादी और विभाजन पर बात करते हुए कहा कि 1947 के पहले हमारे पूर्वज आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे और जिन्ना देश को इस्लामिक स्टेट बनाने की योजना बना रहा था. हालांकि गिरिराज से पूछ गया कि कौन पूर्वज तो वे जवाब नहीं दे पाए. पत्रकारों ने उनसे कहा कि संघ परिवार तो तब अंग्रेजो के साथ था और उसके बड़े नेताओं ने अंग्रेजों से माफी मांग ली थी. इस पर गिरिराज भड़क गए.

उन्होंने यह जरूर कहा कि तब हमारे पूर्वजों से बहुत बड़ी भूल हुई. अगर तभी मुसलमान भाइयों को पाकिस्तान भेज दिया जाता और हिंदुओं को यहां बुला लिया जाता तो आज यह नौबत ही नहीं आती. अगर भारत में ही भारतवंशियों को जगह नहीं मिलेगी तो दुनिया में ऐसा कौन सा देश है जो उन्हें शरण देगा. उन्होंने कहा कि इसलिए आज हमारे कार्यकर्ताओं का काम है कि वह लोगों के बीच जाएं और उनके भ्रम को दूर करें. लेकिन सोए हुए को जगाया जा सकता है, जागे हुए को कोई नहीं जगा सकता. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर जो लोग विरोध कर रहे हैं दिल्ली चुनाव में शाहीन बाग के लोगों ने वोटर कार्ड दिखाकर वोट दिया है. उन्होंने वहां नहीं कहा कि हम सबूत नहीं दिखाएंगे. 

एनपीआर पर बात करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि जितनी चीजें एनपीआर में मांगी गई हैं वे सब आधार कार्ड में हैं. फिर एनपीआर का विरोध क्यों, यह भारत के अंदर सोची-समझी रणनीति के तहत विरोध हो रहा है. यह कोई लोकतांत्रिक आंदोलन नहीं, बल्कि खिलाफत आंदोलन हो रहा है, देश को तोड़ने के लिए. केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने कांग्रेस, राजद और टुकड़े-टुकड़े गैंग से पूछा है कि क्या वे भारत को पाकिस्तान बनाना चाहते हैं? इस संबंध में गिरिराज ने शुक्रवार को ट्वीट किया. अपने ट्वीट में गिरिराज ने असदुद्दीन ओवैसी के भाई और एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान के बयान का जिक्र किया. उन्होंने लिखा कि ओवैसी के मंच से पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए जाते हैं.

लेकिन गिरिराज सिंह के सवालों का जवाब सीपीआई नेता कहैन्या कुमार ने दिया. कन्हैया ने कहा कि यह सब देश की मूल समस्या से जनता का ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है. सरकार अभी तक के अपने सभी वादों में फेल रही है. गिरिराज सिंह भी इस सरकार में केंद्रीय मंत्री हैं, उनका मंत्रालय क्या कर रहा है यही उन्हें नहीं पता है. इसीलिए वे इस तरह के भड़काऊ बयान दे रहे हैं. गिरिराज सिंह के पाकिस्तान की जुबान वाले बयान पर कहैन्या ने कहा कि उनके पास पाकिस्तान के अलावा और कुछ है ही नहीं. वे हर किसी को पाकिस्तान भेजने की बात करते रहते हैं. उन्हें पशुपालन मंत्री नहीं बल्कि वीजा मंत्री होना चाहिए था. इसके साथ ही उन्हें एक टूरिस्ट कंपनी खोल लेनी चाहिए थी लाहौर में. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



 

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