मन की बात के बहाने उद्धव ठाकरे ने नरेंद्र मोदी पर किया तंज

Samachar Jagat | Monday, 24 Feb 2020 09:30:33 PM
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दो दिन पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थे. जाहिर है कि मुलाकात के दौरान सियासी बातें ही हुई होंगी. मुलाकात के बाद उद्धव ठाकरे ने कहा था कि सीएए को लेकर प्रधानमंत्री ने कई चिंताओं को दूर किया है. उस बयान के सियासी मतलब निकाले जाने लगे. लेकिन मुंबई लौटते ही उद्धव अपने पुराने रंग में आ गए. मोदी सरकार पर भी वे हमले कर रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी. उद्धव ठाकरे ने शनिवार को दक्षिण मुंबई में अंजुमन-ए-इस्लाम के लॉ कॉलेज का नाम पूर्व मुख्यमंत्री एआर अंतुले के नाम पर रखा, जबकि एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने उन पर एक किताब 'बनाम नरगिस बकलम एआर अंतुले' का लोकार्पण किया. इस दौरान पवार ने पूर्व मुख्यमंत्री की जमकर तारीफ की. कार्यक्रम के दौरान उद्धव ठाकरे ने किताब को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के बहाने प्रधानमंत्री पर तंज कस दिया. उन्होंने कहा कि इस किताब में 'दिल की बात' है, जो 'मन की बात' से बहुत अलग है. पुस्तक के लोकार्पण के मौके पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद भी मौजूद थे.

उद्धव ठाकरे ने कहा कि एआर अंतुले और शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे बहुत अच्छे दोस्त थे और इस किताब में लिखी 'दिल की बात', 'मन की बात' से बहुत अलग है. उन्होंने कहा कि अंतुले साहब ने हर दिन ये पत्र लिखे और उनकी पत्नी ने उन्हें इतने सालों तक सहेज कर रखा. इससे पता चलता है कि उनके संबंध दोनों तरफ से मजबूत थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किताब पत्र लिखने के लिए भी काफी उपयोगी साबित होगी. मुख्यमंत्री ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि दिवंगत बालासाहेब ठाकरे और एआर अंतुले ने कभी अपनी दोस्ती नहीं छुपाई. उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि केंद्रीय मंत्री बनने के बाद अंतुले साहब ने कहा था कि वे दिल्ली में शिवसेना के राजदूत हैं. मुझे लगता है कि कांग्रेस ने उनके खिलाफ एक्शन लिया था. उन्होंने क्या गलत कहा था. अगर आज वे जिंदा होते तो उन्हें गर्व होता कि उनके दोस्त का बेटा आज महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री है.

शरद पवार की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे पिता के सभी दोस्त मुझसे प्यार करते हैं. उद्धव ठाकरे के मुताबिक बहुत से लोग सोच रहे होंगे कि बालासाहेब का बेटा अंजुमन-ए-इस्लाम में क्या कर रहा है. क्या कांग्रेस से हाथ मिलाने के बाद वह परिवर्तित हो गया है लेकिन इस संस्थान में प्रदान किए गए ज्ञान ने इसकी नींव मजबूत की है. उन्होंने कहा कि अभिनेता दिलीप कुमार भी बालासाहेब के अच्छे दोस्तों में गिने जाते थे. अंतुले और दिलीप कुमार अंजुमन-ए-इस्लाम के पूर्व छात्र थे और बालासाहेब राष्ट्रवादी लोगों के साथ खड़े रहते थे, चाहें वे हिंदू हो या मुसलमान. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



 

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