चुनाव प्रचार के बाद आयोग ने योगी आदित्यनाथ को भेजा नोटिस तो उठे सवाल

Samachar Jagat | Friday, 07 Feb 2020 07:08:51 AM
649702612810707

दिल्ली में चुनाव प्रचार खत्म हो गया है. दो दिन बाद दिल्ली में नई सरकार के लिए वोट डाले जाने हैं. ग्यारह फरवरी को नतीजे आएंगे. चुनाव में आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस ने प्रचार के अंतिम दिन सारी ताकत झोंक दी. प्रचार के दौरान भाजपा नेताओं ने खूब विवादित बयान दिए लेकिन चुनाव आयोग ने जिस तरह की कार्रवाई की उसे लेकर आयोग पर सवाल उठ रहे हैं. चुनाव आयोग पहले भी सवालों में रहा है और इस बार फिर उसकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. चुनाव आयोग भाजपा मंत्रियों-नेताओं की बदजुबानी पर कार्रवाई तो कर रहा है लेकिन कार्रवाई खानापुरी ज्यादा है, इसलिए उस पर पक्षपात के आरोप भी लग रहे हैं. हालांकि प्रचार खत्म होने से कुछ घंटे पहले आयोग ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कारण बताओं नोटिस भेजा उससे आरोपों को बल मिलता है कि आयोग भाजपा नेताओं पर ‘मेहरबान’ है. पहली फरवरी को दिए बयान पर छह फरवरी को चुनाव आयोग नोटिस देता है तो सवाल तो उठने ही हैं.



loading...

योगी आदित्यनाथ को दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है. दिल्ली के करावल नगर में चुनाव प्रचार के दौरान योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा था कि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को अरविंद केजरीवाल बिरयानी खिला रहे हैं. दिल्ली विधानसभा चुनाव का प्रचार अभियान गुरुवार को संपन्न हो गया. इस दौरान भाजपा ने शाहीन बाग में चल रहे सीएए विरोधी प्रदर्शन को केंद्र में रख आक्रामक प्रचार अभियान किया. आम आदमी पार्टी ने जहां अपनी सरकार की बिजली, पानी और महिलाओं के लिए नि:शुल्क बस यात्रा जैसे मुद्दों को जोर-शोर से सामने रखा तो कांग्रेस प्रचार अभियान में काफी पीछे नजर आई. इससे

पहले दिल्ली में चुनाव से ठीक पहले चुनाव आयोग ने भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा को 24 घंटे तक प्रचार करने से रोक दिया था. उनपर यह पाबंदी प्रचार के दौरान गलत बयान देने को लेकर लगाई गई थी. यह दूसरी बार है जब प्रवेश वर्मा को चुनाव आयोग की कार्रवाई झेलनी पड़ी है. सांसद वर्मा ने चुनाव प्रचार के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आतंकवादी बताया था. इस बयान पर ही कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग ने वर्मा को प्रचार से दूर रहने को कहा था. यह दूसरा मौका है जब प्रवेश वर्मा को उनके बयान की वजह से चुनाव प्रचार करने से रोका गया है. पिछले ही हफ्ते ही चुनाव आयोग ने प्रवेश वर्मा पर 96 घंटे की पाबंदी लगाई गई थी. 

चुनाव आयोग ने दिल्ली पुलिस के डीसीपी राजेश देव के खिलाफ कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि उनका बयान पूरी तरह अवांछित था और उन्हें चुनावी कार्य से रोक दिया गया है. उन्होंने मीडिया के साथ जांच का ब्यौरा साझा किया था जिसमें शाहीन बाग के शूटर का संबंध आम आदमी पार्टी से दिखाया गया था. चुनाव आयोग ने कहा कि देव के व्यवहार से स्वतंत्रत और निष्पक्ष चुनाव कराने पर असर पड़ेगा. देव ने पत्रकारों से कहा कि शाहीन बाग में शनिवार को गोलीबारी करने वाला कपिल बैसला आप का सदस्य है. इसके बाद आम आदमी पार्टी ने पुलिस अधिकारी के खिलाफ चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया था.

दिल्‍ली के शाहीन बाग में हुई फायरिंग के मामले में दिल्‍ली पुलिस ने बड़ी जानकारी देते हुए दावा किया था कि पुलिस के मुताबिक आरोपी कपिल गुर्जर आम आदमी पार्टी से जुड़ा हुआ था. इतना ही नहीं आरोपी कपिल के पिता गजे सिंह भी आम आदमी पार्टी से जुड़ा हुआ था. पुलिस ने बताया था कि कपिल ने खुद एसआईटी की पूछताछ में यह बात बताई है. कपिल ने बताया था कि उसने और उसके पिता ने पिछले साल के शुरुआती महीने में आप की सदस्यता ली है. आरोपी के बयान के बारे में क्राइम ब्रांच ने कोर्ट को सूचित कर दिया है. पुलिस की क्राइम ब्रांच के मुताबिक कपिल गुर्जर के मोबाइल फोन और जांच में पता चला था कि वह पार्टी का सदस्य था. साथ ही आरोपी के मोबाइल से कुछ फोटो भी मिले हैं. इनमें आरोपी कपिल गुर्जर और उसके पिता गजे सिंह आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी और आप सांसद संजय सिंह के साथ नजर आ रहे थे. कपिल के पिता गजे सिंह दिल्ली में उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया के साथ तस्वीरों मे नजर आ रहे हैं.

इन तसवीरों में करीब एक साल पहले कपिल आम आदमी पार्टी की सदस्यता लेता हुआ नजर आ रहा है. उस वक्त कपिल और उसके पिता के साथ साथ कपिल के करीब एक दर्जन से ज्यादा साथियों ने आप पार्टी की सदस्यता ली थी. जो तस्वीरें क्राइम ब्रांच के हाथ लगी हैं उनके अनुसार कपिल बकायदा आम आदमी पार्टी की टोपी लगाए हुए हैं. कपिल इस वक्त क्राइम ब्रांच की कस्टडी में है. कपिल ने फायरिंग के बाद अपना व्हाट्सएप डिलीट कर दिया था. क्राइम ब्रांच ने व्हाट्सएप चैट और बाकी चीजें फोन से बरामद की हैं और उन्हीं के आधार पर यह जानकारी दी है. जानकारी के मुताबिक 30 जनवरी को कपिल बाइक से अपने दोस्त सार्थक के साथ शाहीन बाग पहुंचा था और दो राउंड फायरिंग की थी. फिलहाल क्राइम ब्रांच सार्थक से पूछताछ कर रही है. 

यह बात भी सामने आई है कि कपिल के पिता गजे सिंह पहले बसपा के सदस्य भी रह चुके हैं, उन्होंने 2008 में जंगपुरा से बसपा के टिकट पर विधानसभा और 2012 में एमसीडी का चुनाव लड़ा था. कपिल ने शाहीन बाग पहुंचने के बाद अपना मोबाइल और बाइक सार्थक को दे दी थी और फिर फायरिंग की थी. यहीं से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था और उसके पास से हथियार भी बरामद किया था. इसके अलावा कुछ सुराग सीसीटीवी से भी मिले हैं, जिसमें कपिल हथियार अपने शरीर में छुपाकर ले जाता हुआ नजर आ रहा है. चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में इन तीनों मुख्य दलों ने मतदाताओं को लुभाने की पूरी कोशिश की और संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), तुष्टीकरण की राजनीति व बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए. चुनाव प्रचार शाम छह बजे संपन्न हो गया. मतदान शनिवार को होगा और नतीजे 11 को आएंगे. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).


loading...


 
loading...

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!




Copyright @ 2020 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.