दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को रोका, लाठियां भी बरसाईं

Samachar Jagat | Saturday, 11 Jan 2020 07:49:50 PM
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दिल्ली की पुलिस ने जेएनयू के छात्रों पर फिर लाठियां बरसाईं. सरकार के खिलाफ जेएनयू के छात्रों का गुस्सा कन नहीं हो रहा है. दिल्ली पुलिस की भूमिका भी सवालों में है. जेएनयू प्रशासन तो कठघरे में है ही. जेएनयू के वीसी से लेकर दूसरे अधिकारियों पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप है. जेएनयू में टकराव के लिए वीसी को भी जिम्मेदार माना जा रहा है. सवाल उठ रहे हैं कि दो-तीन सालों से जेएनयू में नकाबपोशों का आना-जाना बढ़ा है. नकाबपोश आते हैं देश विरोधी नारा लगाते हैं और चले जाते हैं, सरकार टुकड़े-टुकड़े गैंग का नारा देती है लेकिन नकाबपोशों की न पहचान हुई और न ही कार्रवाई. रविवार को भी हमला करने वाले नकाबों में थे.

कई दिन बीत गए लेकिन नकाबपोशों की पहचान दिल्ली की चुस्त-दुरुस्त और डंडा बरसाने वाली पुलिस ने अब तक नहीं किया. पुलिस ने यह मुस्तैदी जरूर दिखाई कि सर्वर रूम में प्रदर्शन करने वाले और रजिस्ट्रेशन के काम में रोक लगाने वाले छात्रों की फोटो जारी की. इसके लिए उसने बाकायादा प्रेस कांफ्रेंस की और वाम दलों से संबद्ध छात्रों को कठघरे में खड़ा कर डाला. लेकिन जिन गुंडों ने उत्पात मचाया था, पुलिस उस पर परदा डालने में लगी है.पुलिस के रवैये के खिलाफ शुक्रवार को भी जेएनयू में छात्रों ने प्रदर्शन किया. हालांकि इन सबके बीच बैरत वीसी के व्यवहार पर होता है. कई हफ्तों से छात्र फीस में इजाफे को लेकर जेएनयू में प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन वीसी ने उनसे बात करनी तक की जहमत नहीं उठाई.

जेएनयू में नकाबपोशों के हमले के और पुलिस के रवैये के खिलाफ गुरुवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों को राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च करने का प्रयास करते समय पुलिस ने रोक दिया और बाद में हिरासत में ले लिया. पुलिस ने जनपथ पर यातायात रोकने का प्रयास करती भीड़ को काबू करने के लिये लाठीचार्ज भी किया. पुलिस ने लाउडस्पीकरों से भीड़ से शांति बरकरार रखने की भी अपील की. छात्रों के राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ने का प्रयास करने से पहले, जेएनयू छात्र संघ और जेएनयू शिक्षक संघ ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर कुलपति एम जगदीश कुमार को पद से हटाने की भी मांग की. 

जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने कहा कि जब तक विश्वविद्यालय के कुलपति एम जगदीश कुमार को हटाया नहीं जाता तब तक छात्र और संकाय नरम नहीं पड़ेंगे. मानव संसाधन विकास अधिकारियों से मुलाकात के बाद उन्होंने यह टिप्पणी की. घोष ने कहा कि उन्होंने मानव संसाधन विकास मंत्रालय से कुलपति को हटाने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि वीसी को हटाने के मुद्दे पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय से कोई समझौता नहीं होगा. वह अब भी यही सोच रहा है कि वीसी को हटाया जाना चाहिए या नहीं.

इस बीच अभिनेत्री दीपिका पादुकोण जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों पर हुए हमले के बाद छात्रों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए मंगलवार को जेएनयू पहुंची तो भाजपा और उसके सहयोगी संस्थाओं को बुरा लगा. हालांकि उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित नहीं किया. दीपिका शाम सात बज कर 40 मिनट पर विश्वविद्यालय परिसर पहुंची और उन्होंने एक जनसभा में हिस्सा लिया. यह बैठक रविवार को परिसर में छात्रों और शिक्षकों पर हुए हमले पर बातचीत के लिए जेएनयू शिक्षक संघ और जेएनयूएसयू ने बुलाई थी. जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार जिस वक्त आजादी के नारे लगा रहे थे दीपिका खड़ी थीं और जब जेएनयूएसयू नेता आइशी घोष ने बोलना शुरू किया दीपिका जा चुकी थीं. मौजूद लोगों को संबोधित नहीं करने के दीपिका के निर्णय पर घोष ने टिप्पणी की कि जब आप एक हस्ती हैं तो आपको बोलना चाहिए. जेएनयूटीए सचिव सुरजीत मजूमदार ने कहा कि दीपिका छात्रों के प्रति एकजुटता दिखाने यहां आईं थीं. राष्ट्रीय राजधानी में अपनी आगामी फिल्म ‘छपाक' का प्रमोशन करने आईं दीपीका ने कहा था कि यह जरूरी है कि लोग बदलाव लाने के लिए अपने विचार व्यक्त करें.

दीपिका ने कहा था कि यह देखकर मुझे गर्व होता है कि हम अपनी बात कहने से डरे नहीं हैं. चाहे हमारी सोच कुछ भी हो, लेकिन मेरे ख्याल से हम देश और इसके भविष्य के बारे में सोच रहे हैं, यह अच्छी बात है. ‘छपाक' की निर्देशक मेघना गुलजार ने कहा कि वे लोगों की पीड़ा महसूस कर सकती हैं. उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करती हूं कि अमन का माहौल बने. भोजपुरी सिनेमा की यूट्यूब क्वीन आम्रपाली दुबे ने तहा कि दीपिका पादुकोण के इस कदम की मैं दाद देती हूं कि उन्होंने अपने बिजी शेड्यूल से समय निकाल कर जेएनयू पहुंचीं. मैं छपाक देखने भी जरूर जाउंगी. किसी भी कारण से किसी भी बच्चे पर हाथ उठाना ठीक नहीं है. अपनी दायरे के बाहर जाकर भी प्रदर्शन करना ठीक नहीं है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).



 

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