महबूबा मुफ्ती की बेटी ने मां पर पीएसए लगाए जाने पर उठाए सवाल

Samachar Jagat | Friday, 20 Mar 2020 09:47:22 AM
742717140175570

जम्मू-कश्मीर में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की रिहाई हो गई है और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला पर पीएसए लगाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है. एक और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी इसी कानून के तहत नजरबंद हैं. महबूबा मुफ्ती पिछले साल पांच अगस्त से अपने घर में नजरबंद हैं. बाद में महबूबा मुफ्ती पर भी पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) लगाया गया. उनकी पार्टी के नेता पीएसए लगाए जाने का विरोध कर रहे हैं. मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने इस कानून पर ही सवाल उठाया है. उन्होंने कुछ दिन पहले केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाए थे. इल्तिजा ने कई ट्वीट कर केंद्र सरकार पर हमला बोला. इल्तिजा अपनी मां पर पीएसए लगाए जाने की वजह जानकर भी हैरान दिखीं. पीएसए लगाए जाने को लेकर सरकार के डोजियर में उनकी पार्टी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के झंडे पर हरे रंग का जिक्र किया गया है. कहा गया है कि पीडीपी का हरा झंडा उग्रता को दर्शाता है. इस पर महबूबा की बेटी इल्तिजा ने कहा कि भारतीय सेना की यूनिफॉर्म और बिहार में भाजपा की सहयोगी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का झंडा भी तो हरा है.



loading...

इल्तिजा मुफ्ती ने महबूबा मुफ्ती के ट्विटर हैंडल से पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, पीडीपी और जदयू के झंडों की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि पीडीपी का मूल संदिग्ध है. पार्टी का हरे रंग का झंडा उग्रता को दर्शाता है. भारतीय सेना के अफसर हरे रंग की वर्दी पहनते हैं और उनके वाहन भी इसी रंग के हैं. क्या वो भी उग्रता के प्रतीक हैं. अगर पीडीपी का मूल संदिग्ध है तो भाजपा ने साथ मिलकर सरकार क्यों बनाई. भाजपा की सहयोगी जदयू और पीडीपी का झंडा देखें. हैरान हूं कि उनके झंडे में हरे रंग का क्या मतलब है. या एक पार्टी विश्वसनीय और राष्ट्रवादी तभी होगी जब वह भाजपा की सहयोगी हो.

इल्तिजा ने एक और ट्वीट किया था कि उनका आरोप है कि पीडीपी पार्टी का चिन्ह मुसलिम यूनाइटेड फ्रंट से लिया गया है, जिसने 1987 में जम्मू-कश्मीर चुनावों में भाग लिया था. पीडीपी पार्टी का चुनावी चिन्ह चुनाव आयोग ने स्वीकृत किया है. क्या भारत सरकार अब चुनाव आयोग से सवाल करेगी और क्या अब वह आयोग के निर्णयों को कमजोर करने जा रहे हैं. इल्तिजा ने बताया कि महबूबा मुफ्ती पर पीएसए लगाए जाने को लेकर डोजियर में उनके ट्वीट्स को भी बतौर सबूत पेश किया गया है.

इल्तिजा मुफ्ती का कहना है कि उनकी मां पर पीएसए इसलिए लगाया गया क्योंकि उन्होंने वह शपथपत्र पर दस्तखत नहीं किया, जिसमें कहा गया था कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरोध में कोई बयान नहीं देंगी. इल्तिजा ने यह भी कहा कि उनकी मां पर हिंसा भड़काने से जुड़े बयान देने का आरोप लगाया गया है लेकिन भारत सरकार को इसे सबूतों के साथ साबित करना चाहिए. इल्तिजा ने कहा कि मोदी सरकार के मंत्रियों ने दिल्ली चुनावों के दौरान भड़काऊ नारों का इस्तेमाल किया. इल्तिजा मुफ्ती ने एक ट्वीट में लिखा कि आप मानिए या न मानिए लेकिन महबूबा मुफ्ती के खिलाफ गृह मंत्रालय के निर्देशों पर ही पीएसए का डोजियर तैयार किया गया है. उसमें पूर्व मुख्यमंत्री (महबूबा मुफ्ती) के बारे में लिखा है कि वह उनके खतरनाक और कपटपूर्ण व्यवहार के लिए संदर्भित कर रहा है. उसमें उनकी प्रोफाइल और उनके पिता जैसे स्वभाव का होने का भी जिक्र किया गया है. (राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर सटीक विश्लेशण के लिए पढ़ें और फॉलो करें).


loading...


 
loading...

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!




Copyright @ 2020 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.