जाति आधारित जनगणना की व्यवस्था करे केंद्र सरकार, लोकसभा में उठी मांग

Samachar Jagat | Wednesday, 18 Mar 2020 11:12:04 AM
Central government should arrange caste-based census, demand raised in Lok Sabha

नयी दिल्ली

नयी दिल्ली,  देश में 2०21 में होने वाली जनगणना जाति के आधार पर करवाने की मांग लोकसभा में उठी और जनता दल यू के सदस्य ने कहा कि इससे आरक्षण व्यवस्था को न्यायोचित तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी और साथ ही यह उच्चतम न्यायालय की भावना के भी अनुरूप होगा।

जनता दल यू के कौशलेन्द्र कुमार ने शून्यकाल में मंगलवार को यह मामला उठाते हुए कहा कि जब पशु पक्षियों और जानवरों तक की गणना उनकी जाति के आधार पर की जा सकती है तो इंसानों की गणना उनकी जातियों के आधार पर क्यों नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि 2०21 में जनगणना होनी है। सरकार को चाहिए कि वह इसे जातिगत आधार पर करवाए । इससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी को आरक्षण देने में निष्पक्षता आएगी ।
कौशलेन्द्र कुमार ने कहा कि उच्चमत न्यायालय भी चाहता है कि आरक्षण का वैज्ञानिक आधार होना जरूरी है।

बीजू जनता दल के भृतुहरि महताब समेत कई सदस्यों ने कौशलेन्द्र कुमार की मांग से खुद को संबद्ध किया।

सदन में शून्यकाल के दौरान शिवसेना के विनायक राउत ने पोल्ट्री सेक्टर के कोरोना वायरस के चलते भारी संकट में होने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने पोल्ट्री सेक्टर में लगे लोगों की मदद के लिए सरकार से मदद की मांग की।

बसपा के दानिश अली ने आम की फसल के लिए मशहूर अमरोहा में एक आम अनुसंधान केंद्र खोले जाने की मांग करने के साथ ही हालिया ओलावृष्टि में किसानों की आम, आलू और गेंहू की फसल बर्बाद होने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अमरोहा में एक प्रतिनिधिमंडल भेजकर किसानों को हुए नुकसान का आकलन करे और उन्हें मुआवजा दिए जाने की व्यवस्था करे ।


वाईएसआर कांग्रेस के कृष्ण लाउ, कांग्रेस के ए चेल्लाकुमार, शिवसेना के श्रीरंग अप्पा बार्ने, भाजपा के मनोज राजौरिया और बसपा के मनलूम नागर ने भी अपने अपने क्षेत्रों से जुड़े मसले उठाए।

जनता दल यू के कौशलेन्द्र कुमार ने शून्यकाल में मंगलवार को यह मामला उठाते हुए कहा कि जब पशु पक्षियों और जानवरों तक की गणना उनकी जाति के आधार पर की जा सकती है तो इंसानों की गणना उनकी जातियों के आधार पर क्यों नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि 2०21 में जनगणना होनी है। सरकार को चाहिए कि वह इसे जातिगत आधार पर करवाए । इससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी को आरक्षण देने में निष्पक्षता आएगी ।
कौशलेन्द्र कुमार ने कहा कि उच्चमत न्यायालय भी चाहता है कि आरक्षण का वैज्ञानिक आधार होना जरूरी है।

बीजू जनता दल के भृतुहरि महताब समेत कई सदस्यों ने कौशलेन्द्र कुमार की मांग से खुद को संबद्ध किया।

सदन में शून्यकाल के दौरान शिवसेना के विनायक राउत ने पोल्ट्री सेक्टर के कोरोना वायरस के चलते भारी संकट में होने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने पोल्ट्री सेक्टर में लगे लोगों की मदद के लिए सरकार से मदद की मांग की।

बसपा के दानिश अली ने आम की फसल के लिए मशहूर अमरोहा में एक आम अनुसंधान केंद्र खोले जाने की मांग करने के साथ ही हालिया ओलावृष्टि में किसानों की आम, आलू और गेंहू की फसल बर्बाद होने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अमरोहा में एक प्रतिनिधिमंडल भेजकर किसानों को हुए नुकसान का आकलन करे और उन्हें मुआवजा दिए जाने की व्यवस्था करे ।


वाईएसआर कांग्रेस के कृष्ण लाउ, कांग्रेस के ए चेल्लाकुमार, शिवसेना के श्रीरंग अप्पा बार्ने, भाजपा के मनोज राजौरिया और बसपा के मनलूम नागर ने भी अपने अपने क्षेत्रों से जुड़े मसले उठाए।



 

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