Rajya Sabha : महंगाई पर चर्चा को लेकर राज्यसभा में गतिरोध बरकरार

Samachar Jagat | Friday, 22 Jul 2022 02:11:24 PM
Deadlock continues in Rajya Sabha over discussion on inflation

नयी दिल्ली | महंगाई एवं कुछ वस्तुओं पर माल और सेवा कर (जीएसटी) लगाए जाने के मुद्दे पर राज्यसभा में चर्चा को लेकर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच मानसून सत्र के पहले दिन से बना गतिरोध शुक्रवार को भी जारी रहा और हंगामे की वजह से उच्च सदन की कार्यवाही भोजनावकाश से बार बार बाधित हुई। हंगामे के कारण उच्च सदन में शून्यकाल दस मिनट भी नहीं चला और प्रश्नकाल में हंगामे एवं नारेबाजी के बीच सदस्यों पे पूरक प्रश्न पूछे और संबंधित मंत्रियों ने उनके उत्तर दिये। विपक्ष जिन मुद्दों पर विरोध व्यक्त कर रहा है, सरकार की ओर से उन पर सदन में चर्चा कराने के बीच सहमति जतायी गयी । कितु यह चर्चा किन नियमों के तहत कराई जाए, इसे लेकर सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के बीच सहमति नहीं बन पायी है। विपक्ष इन मुद्दों पर कार्य स्थगन प्रस्ताव के नियम के तहत चर्चा करवाना चाहता है।

उपसभापति हरिवंश ने कहा कि महंगाई ऐसा मुद्दा है जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही चर्चा चाहते हैं, ऐसे में बेहतर होगा कि दोनों आपस में बैठकर तय कर लें कि किस नियम के तहत चर्चा की जाए ताकि गतिरोध समाप्त हो।इससे पहले विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष महंगाई के मुद्दे पर नियम 267 के तहत चर्चा चाहता है क्योंकि इसके तहतकार्यस्थगन का विकल्प होता है जबकि कार्य मंत्रणा समिति में नियम 176 के तहत चर्चा किए जाने को लेकर बात हुई थी।
उन्होंने अपील की कि महंगाई और जीएसटी से जुड़े विषयों पर नियम 267 के तहत ही चर्चा हो। सदन के नेता पीयूष गोयल ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार चर्चा चाहती है और वह इसके लिए तैयार भी है लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कोविड-19 से संक्रमित हैं।

उन्होंने कहा कि एक बार वह स्वस्थ हो जाएं तो चर्चा में शामिल हो सकती हैं और फिर सभी सवालों के जवाब भी दे सकती हैं।
इस पर उपसभापति हरिवंश ने कहा, ''आप दोनों चर्चा चाहते हैं तो तय कर लें। पक्ष और विपक्ष बैठकर तय करें, इसमें आसन की कोई भूमिका नहीं है।’’हरिवंश के इतना कहने के बाद भी विपक्षी दलों का हंगामा नहीं थमा, लिहाजा उन्होंने दोपहर एक बजे सदन की कार्यवाही अपराह्न ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी।इससे पहले, एक बार के स्थगन के बाद जब सदन की कार्यवाही आरंभ हुई तो महंगाई और जीएसटी सहित अन्य मुद्दों पर विपक्षी दलों ने फिर हंगामा आरंभ कर दिया।

हंगामे के बीच ही उपसभापति ने प्रश्नकाल चलाया। कई सदस्यों ने सवाल पूछे और मंत्रियों ने हंगामे के बीच ही उनके जवाब भी दिए।सुबह बैठक आरंभ होने पर भी महंगाई, केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग सहित अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया और इस वजह से राज्यसभा की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।हंगामे की वजह से उच्च सदन में आज भी शून्यकाल पूरा नहीं हो पाया।बैठक शुरू होने पर निर्दलीय सदस्य कपिल सिब्बल को उच्च सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई गई। इसके बाद सभापति एम. वेंकैया नायडू ने दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए।

उन्होंने सदन को सूचित किया कि उन्हें नियम 267 के तहत कुछ सदस्यों की ओर से नियत कामकाज स्थगित कर महंगाई, सेना में भर्ती की अग्निपथ योजना और केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरूपयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा कराने के लिए नोटिस मिले हैं।
नायडू ने बताया कि क ांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, द्रमुक सदस्य तिरूचि शिवा, माकपा सदस्य इलामारम करीम और वी शिवदासन तथा भाकपा सदस्य विनय विश्वम ने महंगाई के मुद्दे पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिए हैं।
सभापति के अनुसार, रालोद के जयंत चौधरी ने सेना में भर्ती की ''अग्निपथ योजना’’ की समीक्षा के लिए चर्चा किए जाने की मांग करते हुए नोटिस दिया वहीं क ांग्रेस के प्रमोद तिवारी, के. सी. वेणुगोपाल तथा दीपेंद्र सिह हुड्डा ने केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस दिए हैं।

उन्होंने सभी नोटिस अस्वीकार करते हुए कहा कि महंगाई के मुद्दे पर वह अलग से चर्चा कराने को तैयार है। इस पर विरोध जताते हुए विपक्षी सदस्यों ने हंगामा आरंभ कर दिया।नायडू ने हंगामा कर रहे सदस्यों से ऐसा नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हंगामे की वजह से एक सप्ताह का कीमती समय बर्बाद हो गया और सदन व सदस्यों का बहुमूल्य समय भी खराब हुआ।
सभापति ने कहा ''सदन चर्चा के लिए तैयार है, सरकार चर्चा के लिए तैयार है, फिर हंगामा क्यों?’’उन्होंने सदस्यों से सदन में तख्तियां नहीं दिखाने को भी कहा। इसी बीच एक सदस्य ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया जिसे सभापति ने अस्वीकार कर दिया।

उन्होंने सदस्यों से शांत रहने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। अपनी बात का असर होते न देख उन्होंने सदन की कार्यवाही 11 बज कर 7 मिनट पर दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। गौरतलब है कि 18 जुलाई सोमवार से संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ है और हंगामे की वजह से अब एक एक बार भी उच्च सदन में शून्यकाल नहीं हो पाया है।



 

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