सीमा पार जाने वाले गोडावन के शिकार पर लग सकती है रोक...

Samachar Jagat | Monday, 17 Feb 2020 03:46:03 PM
Godavan's victims crossing the border may be banned

गांधीनगर। भारत ने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड यानी गोडावन को संयुक्त राष्ट्र के प्रवासी पक्षियों संबंधी सम्मेलन (सीएमएस) के एपेंडिक्स-1 में शामिल करने का प्रस्ताव किया है। यदि वह इसमें सफल रहता है तो पाकिस्तान में भी इस पक्षी के शिकार पर रोक लग जायेगी।

गोडावन भारतीय उपमहाद्वीप में पाये जाने वाले पक्षी है। कभी ये बड़ी संख्या में पाये जाते थे, लेकिन पिछले 50 साल में इनकी आबादी 90 फीसदी घट गयी है। भारत में अब ये आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान तक सीमित होकर रह गये हैं। देशों की सीमाओं से अनजान पक्षी उड़ते-उड़ते पाकिस्तान की सीमा में भी प्रवेश कर जाते हैं जहां पाकिस्तानी सैनिक उन्हें मारकर गिरा देते हैं।

सीएमएस की कार्यकारी सचिव एमी फ्रेंकल ने कहा कि एक बार गोडावन एपेंडिक्स-1 में शामिल हो गया तो पाकिस्तान के लिए भी उसका संरक्षण जरूरी हो जायेगा। इस सूची में उन जीवों को शामिल किया जाता है जो लुप्त होने की कगार पर पहुंच गये हैं।
सीएमएस के सदस्य देशों की आज से शुरू हुई 13वीं बैठक से इतन के बाद एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने (यूनीवार्ता) को बताया कि अभी यह देखना होगा कि क्या हर तरह के गोडावन को एपेंडिक्स-1 में जगह मिलती है। ऐसा होने पर पाकिस्तान में भी उनके शिकार पर प्रतिबंध लग जायेगा लेकिन यदि भारत के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कुछ विशेष प्रकार के गोडावन को सूची में शामिल करने पर सहमति बनती है तो फिर परिस्थिति अलग हो सकती है।

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान भी सीएमएस का सदस्य है और इस नाते उसके लिए भी सम्मेलन के प्रतिबंधों का पालन करना अनिवार्य है। प्रतिबंध के बावजूद यदि उसे लागू नहीं किया गया तो उसकी जांच के लिए भी प्रक्रिया तय है। उल्लेखनीय है कि भारत ने आज की गोडावन, एशियाई हाथी और बंगाल फलोरिकन को एपेंडिक्स-1 में शामिल करने का प्रस्ताव किया है। श्रीमती एमी ने बताया कि सदस्य देशों की एक सप्ताह चलने वाली बैठक के बाद ही यह पता चल पायेगा कि विभिन्न देशों से प्राप्त प्रस्तावों पर क्या निर्णय हुआ है।

 



 

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