भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया : कहा, कांग्रेस में लोगों की सेवा नहीं कर पा रहा था

Samachar Jagat | Wednesday, 11 Mar 2020 03:54:44 PM
Jyotiraditya Scindia joined BJP: said he was not able to serve the people in Congress

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी राजनीतिक उठापटक के बीच ज्योतिरादित्य भसधिया बुधवार को भाजपा में शामिल हो गये। भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने पार्टी मुख्यालय में भसधिया को पार्टी की सदस्यता दिलायी ।

भसधिया भाजपा मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। भसधिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वह आहत थे क्योंकि वह अपने पूर्व संगठन (कंाग्रेस) में लोगों की सेवा नहीं कर पा रहे थे।


नड्डा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज हम सबके लिए बहुत खुशी का विषय है और आज मैं हमारी वरिष्ठतम नेता दिवंगत राजमाता भसधिया जी को याद कर रहा हूं। भारतीय जनसंघ और भाजपा दोनों पार्टी की स्थापना से लेकर विचारधारा को बढ़ाने में (उनका) एक बहुत बड़ा योगदान रहा है । ’’


उन्होंने कहा, ‘‘ ज्योतिरादित्य जी आज अपने परिवार में शामिल हो रहे हैं, मैं इनका स्वागत करता हूं और हाॢदक अभिनन्दन भी करता हूं।’’
नड्डा ने कहा, ‘‘हमारे लिए राजमाता जी एक आदर्श तथा हम सब के लिए वह एक दृष्टि और दिशा देने वाली नेता रही हैं। उन्होंने पार्टी को शैशव काल से ही उसकी विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम किया। आज बहुत खुशी की बात है कि उनके पौत्र ज्योतिरादित्य भसधिया जी भाजपा में शामिल हुए है ।’’


भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है जहंा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास एवं सबका विश्वास के आधार पर काम होता है। उन्होंने कहा कि सभी को अपनी बात रखने और देश के लिये काम करने का मौका मिलता है और वह (भसधिया) उन्मुक्त वातावरण में अपनी बात रख सकेंगे, काम कर सकेंगे ।


वहीं, ज्योतिरादित्य भसधिया ने भाजपा में शामिल होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा को धन्यवाद दिया ।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सर्वप्रथम आदरणीय नड्डा जी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह जी को धन्यवाद देना चाहूंगा कि आपने मुझे अपने परिवार में आमंत्रित किया और एक स्थान दिया । ’’
भसधिया ने कहा कि अभी जो कंाग्रेस पार्टी है, वह पार्टी नहीं है जो पहले थी ।


उन्होंने कंाग्रेस छोडऩे के कारणों में ‘‘ पार्टी में वास्तविकता से इंकार’’ तथा ‘‘नई सोच, विचारधारा एवं नये नेतृत्व को मान्यता नहीं मिलना’’ बताया ।
भसधिया ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में ‘‘एक सपना हमने पिरोया था, जब वहंा सरकार बनी। लेकिन 18 महीने में वो सारे सपने बिखर गए। चाहे वो किसानों के ऋण मा$फ करने की बात हो, पिछले फसल का बोनस न मिलना हो, ओलावृष्टि से नष्ट फसल आदि का भी मुआवजा अब तक नहीं मिल पाया है ।’’


मध्यप्रदेश की कंाग्रेस सरकार पर वचनपत्र पालन करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में किसान त्रस्त है, नौजवान परेशान है और रोजगार के अवसर नहीं है ।
भसधिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है और वह भविष्य की चुनौतियों को परखते हुए उसका क्रियान्वयन कर रहे हैं । मोदी के नेतृत्व में भारत का भविष्य सुरक्षित है ।
गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य भसधिया ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कंाग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और उनके साथ ही 22 कंाग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था। इससे प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली 15 महीने पुरानी कंाग्रेस सरकार गिरने के कगार पर पहुंच गई है।


मंगलवार की सुबह जब देश होली मना रहा था, तभी भसधिया ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर मुलाकात की। इससे पहले, मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी के साथ भसधिया की बैठक लगभग एक घंटे तक चली। इसके बाद भसधिया ने ट्विटर पर अपना इस्तीफा पोस्ट किया था।

भसधिया के कंाग्रेस से इस्तीफा देने के बाद कंाग्रेस ने कहा है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते भसधिया को निष्कासित किया गया है।
समझा जाता है कि भसधिया को राज्यसभा भेजे जा सकता है । वहीं, बाद भसधिया को केंद्र सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है ।

इससे पहले मंगलवार को भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक भी हुई जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इसमें राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवारों के मुद्दे पर चर्चा हुई ।
मध्य प्रदेश में यह राजनीतिक स्थिति ऐसे समय में उत्पन्न हुई है जब प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। गुना के पूर्व सांसद के समर्थक विधायकों का दावा है कि भसधिया अपनी ‘‘अनदेखी’’ से ‘‘क्षुब्ध’’ हैं। पिछले काफी समय से भसधिया और कमलनाथ के बीच खींचतान की खबरें आ रही थी । दिसंबर 2018 में मध्य प्रदेश विधानसभा का चुनाव जीतने के बाद कंाग्रेस ने कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया।


हालांकि, समस्या हाल में तब बढ़ गई जब सरकार में भसधिया समर्थकों को दरकिनार किये जाने और मध्य प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष बनने की उनकी महत्वाकंाक्षा पूरी नहीं होने की खबरें आईं । ऐसी भी खबरें आई कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व उनकी शिकायतें सुनने को तैयार नहीं था। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव 26 मार्च को होने हैं जबकि प्रदेश विधानसभा का सत्र 16 मार्च को बुलाया गया है ।



 

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