तेलंगाना में करीब एक हजार साल पुराने काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा मंदिर) मंदिर को यूनेस्को ने विश्व धरोहरों की सूची में शामिल किया, थाउजेंड पिलर के नाम से भी है मंदिर की पहचान, स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना

Samachar Jagat | Sunday, 25 Jul 2021 05:49:11 PM
Kakatiya Rudreshwara (Ramappa) Temple in Telangana has been inscribed as a UNESCO World Heritage Site

इंटरनेट डेस्क। तेलंगान राज्य के एक प्राचीन मंदिर को यूनेस्को ने विश्व विरासत स्थलों की सूची में शामिल किया है। तेलंगाना में स्थित काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा मंदिर) मंदिर अब विश्व धरोहर के रूप में जाना जाएगा। आज रविवार को अंतर्राष्ट्रीय संगठन यूनेस्को ने इसकी घोषणा की है। ये मंदिर वारंगल जिले के हनमाकोंडा में स्थित है। 

 

Kakatiya Rudreshwara (Ramappa) Temple in Telangana has been inscribed as a UNESCO World Heritage Site

(Photo credit: UNESCO) pic.twitter.com/Ps15vP7p8t

— ANI (@ANI) July 25, 2021

एएनआई न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह शिव मंदिर इकलौता मंदिर है जिसे इसके शिल्पकार रामप्पा के नाम पर भी जाना जाता है। इसे थाउजेंड पिलर मंदिर यानी सौ खंबो वाला मंदिर भी कहा जाता है। काकतीय वंश के महाराज ने इस मंदिर का निर्माण 12वीं सदी में करवाया था। माना जाता है कि इस मंदिर के दौरान बने अनेक मंदिर खंडहर में बदल गए हैं लेकिन इस मंदिर को कई प्राकृतिक आपदाओं के बाद भी कोई नुकसान हीं पहुंचा है। इसको लेकर मंदिर में कई दफा रिसर्च भी किया जा चुका है। 

गौरतलब है कि इस मंदिर का निर्माण काकतिय नरेश राजा रूद्र देव ने 1163 में करवाया था। इस मंदिर की स्थापत्य कला बेजोड़ है। इसका प्रवेश द्वार, गुम्बद, शिलालेख सहित कई चीजें आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होने से इसका रख रखाव और बेहतर तरीके से होगा। साथ ही मंदिर अब श्रद्धालुओं के लिए भी एक बड़ा विकल्प होगा। 

 



 

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