National Policy on Education 2020: शिक्षा नीतियों में बदलाव, बोर्ड परीक्षाएं 2 हिस्से में बटी; जानिए नई गाइडलाइन

Samachar Jagat | Thursday, 30 Jul 2020 12:47:50 PM
National Policy on Education 2020: changes in education policies, board examinations divided into 2 parts; Know new guidelines

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को मंजूरी दे दी और मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और रमेश पोखरियाल निशंक ने घोषणा करते हुए कहा कि सभी उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक ही नियामक होगा और एमफिल को बंद कर दिया जाएगा।

शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निंशक ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को तैयार करने के लिए विश्व की सबसे बड़ी परामर्श प्रक्रिया आयोजित की गयी थी। उन्होंने आगे कहा कि मै देश के 1000 से अधिक विश्वविद्यालयों, 1 करोड़ से अधिक शिक्षकों और 33 करोड़ छात्र-छात्रों को शुभकामनाएं देता हूं। 

उच्च शिक्षा में अब मल्टीपल इंट्री और एग्जिट का विकल्प दिया जाएगा। इसी के साथ पांच साल के इंटीग्रेटेड कोर्स करने वालों को एमफिल नहीं करना होगा। कॉलेजों के एक्रेडिटेशन के आधार पर ऑटोनॉमी दी जाएगी। मेंटरिंग के लिए राष्ट्रीय मिशन चलाया जाएगा। हायर एजुकेशन के लिए एक ही रेग्यूलेटर रहेगा। अभी यूजीसी, एआईसीटीई शामिल हैं। हालांकि इसमें लीगल एवं मेडिकल एजुकेशन को शामिल नहीं किया जाएगा। 

सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों को लिए शिक्षा मानक समान रहेंगे। नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एनआरएफ) की स्थापना होगी जिससे रिसर्च और इन्नोवेशन को बढ़वा मिलेगा। उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे ने कहा, "ई-पाठ्यक्रम शुरू में आठ क्षेत्रीय भाषाओं में विकसित किए जाएंगे और वर्चुअल लैब विकसित किए जाएंगे।

शीर्ष 100 विदेशी कॉलेजों को भारत में परिसर स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी। हमारे देश में 45,000 से अधिक संबद्ध कॉलेज हैं। स्नातक की स्वायत्तता के तहत, अकादमिक, प्रशासनिक और वित्तीय स्वायत्तता कॉलेजों को उनकी मान्यता की स्थिति के आधार पर दी जाएगी।

अर्ली चाइल्डहुड केयर एवं एजुकेशन के लिए कैरिकुलम एनसीईआरटी द्वारा तैयार होगा। इसमें 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए विकसित किया जाएगा। बुनियाद शिक्षा (6 से 9 वर्ष के लिए) के लिए फाउंडेशनल लिट्रेसी एवं न्यूमेरेसी पर नेशनल मिशन शुरु किया जाएगा। पढ़ाई की रुपरेखा 5+3+3+4 के आधार पर तैयारी की जाएगी। इसमें अंतिम 4 वर्ष 9वीं से 12वीं शामिल हैं।

नई नेशनल क्यूरिकुलम फ्रेमवर्क तैयार होगा और ईसीई, स्कूल, टीचर्स और एडल्ट एजुकेशन को जोड़ा जाएगा। बोर्ड एग्जाम को भाग में बाटा जाएगा। बच्चों के रिपोर्ट कार्ड में लाइफ स्किल्स को जोड़ा जाएगा।



 

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