जीएम खाद्य पदार्थों के विनियमित करने वाले मसौदे का विरोध, जानें- राकेश टिकैत ने क्या कहा

Samachar Jagat | Wednesday, 12 Jan 2022 02:34:09 PM
Opposition to the draft regulating GM foods, know what Rakesh Tikait said

नई दिल्ली।  देश में जीएम खाद्य पदार्थों पर एक बार फिर चर्चा शुरु हो गई है। जीएम खाद्य पदार्थों को विनियमित करने वाले सरकार के एक मसौदे पर नागरिक संगठनों के विरोध स्वर तेज हो गए हैं।

 

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कुछ सर्वेक्षणों के साथ-साथ बीटी बैंगन और एचटी सरसों की सार्वजनिक बहस से यह बहुत स्पष्ट है कि भारत में जीएम खाद्य फसलों की अस्वीकृति है। @fssaiindia जैसा खाद्य सुरक्षा नियामक असुरक्षित खाद्य पदार्थों को हमारी खाद्य श्रृंखला में क्यों लाना चाहता है ? #NoGMfoods - Rakesh Tikait (@Rakesh.Tikait) 12 Jan 2022

 

 

संयुक्त नागरिक संगठनों का कहना है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं नियामक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का यह मसौदा न सिर्फ लोगों की सेहत को जोखिम में डालेगा बल्कि यह व्यावसायिक हितों को साधने वाला है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं नियामक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ओर से 15 नवंबर, 2021 को जीएम खाद्य पदार्थों के विनियमन का मसौदा जारी किया था।

इस पर 15 जनवरी, 2022 तक आम लोगों की टिप्पणी और सुझाव मांगा गया है। इस पर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया साइट कू पर एक यूजर के पोस्ट पर रिप्लाइ करते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि कुछ सर्वेक्षणों के साथ-साथ बीटी बैंगन और एचटी सरसों की सार्वजनिक बहस से यह बहुत स्पष्ट है कि भारत में जीएम खाद्य फसलों की अस्वीकृति है। एफएसएसएआई जैसा खाद्य सुरक्षा नियामक असुरक्षित खाद्य पदार्थों को हमारी खाद्य श्रृंखला में क्यों लाना चाहता है ? 



 

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