वैक्सीन नहीं बनने तक मास्क को ही सोशल वैक्सीन समझें: डॉ. हर्षवर्धन

Samachar Jagat | Saturday, 17 Oct 2020 11:24:23 AM
Till the vaccine is not made, consider the mask as a social vaccine: Dr. Harsh Vardhan

नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने शुक्रवार को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग तथा सीएसआईआर के देश भर में फैले 67संस्थानों के निदेशकों को कोरोना से बचाव के उपायों पर वर्चुअल रूप से संबोधित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील को दोहराते हुए कहा कि उनके द्वारा बताए गए आसान उपायों के पालन से कोरोना को स्वयं से दूर रखना संभव है।

डॉ. हर्षवर्धन ने यह भी कहा कि वर्तमान में अनलॉक-5 के अंतर्गत देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कई गतिविधियां फिर से शुरू की गई है। इसका अर्थ यह नहीं कि जनता सावधानियों को भुला दे और साधारण सावधानियों का पालन करने में संकोच करे या उनकी जरूरत महसूस न करे। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में हमने नौ महीने की यात्रा पूरी कर ली है। इस दौरान की चुनौती हमारे लिए एक ऐसा अवसर बनी, जिससे देश स्वास्थ्य ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार कर सका।

जिस बाबत विभिन्न क्षेत्रो की उपलब्धियों की जानकारी देते हुये डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि हम विश्व के विकासशील और संपन्न देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में हैं। देश की रिकवरी दर सबसे अधिक 87-88 प्रतिशत है, जबकि मृत्यु दर 1.52 प्रतिशत न्यूनतम है। उन्होंने कहा कि कोविड के खिलाफ लड़ाई न तो कठिन है और न असंभव। इसे हराने के लिए सही तरीके से मास्क पहनना, मास्क से मुंह और नाक ढकना, बात करते हुए भी मास्क नहीं उतारना, आपस में दो गज की दूरी रखना और बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोना जरूरी है। ये साधारण उपाय हमारे लिए सोशल वै सीन है, जो हमें घातक कोरोना से बचा सकते हैं, हमारी जान की रक्षा कर सकते हैं।

 

 



 
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