Uttrakhand : तो चमोली में आई प्राकृतिक आपदा का कारण ये था..?, इसरो के वैज्ञानिकों ने सेटेलाइट डाटा के आधार पर निकाला निष्कर्ष, 25 से ज्यादा शव बरामद, 200 लोग अभी भी लापता

Samachar Jagat | Monday, 08 Feb 2021 06:42:38 PM
Uttrakhand: This was the reason for the natural disaster in Chamoli, ISRO scientists concluded on the basis of satellite data, more than 25 dead bodies recovered, 200 people still missing

इंटरनेट डेस्क। उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार को हिमस्खलन के बाद भारी तबाही मची जिससे उभरने में महीनों लग जाएंगे। लेकिन प्रशासनिक अमला पूरी तरह से राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। इसी बीच इसरो के वैज्ञानिकों ने अपने निष्कर्ष में कहा है कि चमोली जिले में तबाही ऋषिगंगा कैचमेंट एरिया में हुए हिमस्खलन की वजह से मची है। अब तक 25 से ज्यादा शव निकाले जा चुके हैं। वहीं 200 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। 

 

Uttarakhand: Machines are now clearing the heavy slush inside the tunnel in Chamoli; Recce party was not able to move beyond 100 meters inside the tunnel due to the slush. pic.twitter.com/QQS8WO9kU0

— ANI (@ANI) February 8, 2021

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वैज्ञानिकों ने सेटेलाइट डाटा के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है। विशेषज्ञों के अनुसार इस क्षेत्र में हाल में गिरी बर्फ एक चोटी के हिस्से के साथ खिसक गई जिसने बड़े हिस्खलन का रूप ले लिया। इस वजह से लाखों मीट्रिक टन बर्फ और पहाड़ी का हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया जिसने ऋषिगंगा में बाढ़ की हालत पैदा कर दिए।

 

A joint team of NDRF, SDRF & Army is conducting a rescue operation. The team has reached the 130-metre mark in Tapovan tunnel, it may take 2-3 hrs to reach the t-point. Efforts underway to safely rescue those who are stuck in the tunnel: Uttarakhand CM TS Rawat, Joshimath https://t.co/YAAVb8T57s pic.twitter.com/EL83wXZGKq

— ANI (@ANI) February 8, 2021

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी आज सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि ऋषिगंगा में आई बाढ़ हिमस्खलन की वजह से आई थी। उन्होंने कहा इसरो के निदेशक ने सेटेलाइज इमेज के आधार पर जानकारी दी है कि ऋषिगंगा कैचमेंट एरिया में रविवार को ग्लेशियर नहीं टूटा। बल्कि हाल में हुई बर्फबारी में जमी कच्ची बर्फ एक पहाड़ी की चोटी के साथ खिसक गई। जिस स्थान पर हिमस्खलन हुआ वहां ग्लेशियर नहीं था।

 



 

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