हरि यमुना सहयोग समिति के प्रोजेक्ट हरि यमुना की ओर से वर्चुअल समिट आयोजित

Samachar Jagat | Thursday, 30 Jul 2020 02:08:59 PM
Virtual Summit organized by Project Hari Yamuna of Hari Yamuna Cooperation Committee

नई दिल्ली। हरि यमुना सहयोग समिति, पावंटा साहिब (एच.पी.) के प्रोजेक्ट हरि यमुना द्बारा एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वर्चुअल समिट 2०2० का आयोजन किया गया। ये समिट हिन्दू यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका, वन विभाग हिमाचल प्रदेश, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ और इम्पीरियम लॉ इंडिया, न्यू दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के उपलक्ष में समिट 'एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन कंसर्नस एंड प्रॉपर इम्प्लीमेंटेशन ऑफ एग्जीस्टिंग एनवायर्नमेंटल लॉज ऑफ इंडिया’ विषय पर आधारित रहा।

समिट में मुख्य वक्ता के तौर पर हरि यमुना सहयोग समिति के अध्यक्ष और सिक्किम, उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायधीश प्रमोद कोहली ने संबोधित किया। समिट की शुरुआत पहले सेशन 'प्रकृति के संरक्षण के लिए सामुदायिक भागीदारी’ विषय पर चर्चा के साथ हुई।

सेशन में हरियाणा के आरपीएफ यमुनानगर, कमांडो बटालियन, वरिष्ठ कमांडिग अधिकारी, आईआरपीएफएस श्री मोहम्मद शदान जेब खान अपने विचार साझा किए। प्रकृति का वातावरण, जलवायु, मौसम, पानी, महासागर, झीलें, तालाब, नदियां, पौधे, जानवर, सौंदर्य हैं। प्रकृति वहीं है जो हम सभी में है, प्रकृति के संरक्षण की आवश्यकता है। प्रकृति को सबसे ज्यादा नुकसान इंसानों द्बारा किया जा रहा है। सरकार विधानों, विनियमों, जुर्माना लगाने, उल्लंघनकर्ताओं पर मुकदमा चलाने आदि को छोड़कर और क्या कदम उठा सकती है, इसके लिए समुदायों की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण है। स्थानीय समुदायों के साथ शुरू करने के लिए जल निकायों, वन, आर्द्रभूमि, वन्यजीव, आदि के सकारात्मक स्वामित्व को प्रदर्शित करना चाहिए।

वहीं दूसरे सेशन 'अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण कानून में विकास और प्राचीन भारतीय सिद्धांतों के साथ संबंध’ विषय पर हिन्दू यूनिवर्सिटी ऑफ अमेरिका के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के चेयरमैन, पद्मभूषण डॉ. वेद पी. नंदा ने चर्चा की । तीसरे सेशन में जयपुर आयकर उपायुक्त, आईआरएस पूनम राय 'पर्यावरणीय कारणों के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी की प्रभावशीलता’ विषय पर अपने सुझाव साझा किए। पूनम राय ने 'एनवायरनमेंटल कारणों के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रभावशीलता’ के बारे में बात की, जिसमें उन्होंने कॉर्पोरेट क्षेत्र की भागीदारी और आयकर अधिनियम के तहत कटौती से संबंधित प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा, उन्होंने अवधारणा की आवश्यकता पर जोर दिया।

चौथे सेशन में 'प्रकृति संरक्षण में सामाजिक वानिकी की भूमिका’ विषय पर पांवटा साहिब हिमाचल प्रदेश के प्रभागीय वन अधिकारी, आईएफएस, कुणाल अंगरीश अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण सभी को प्रभावित करता है, इसलिए इसे साझा जिम्मेदारी निभानी होगी। प्रकृति संरक्षण में जनता अपनाए जिनसे वे पर्यावरण में सुधार ला सकते हैं। कला या विज्ञान के माध्यम से मीडिया में व्यक्त करके संरक्षण गतिविधियों में संलग्न होने के द्बारा, जानकारी प्रदान करने और प्राप्त करने के माध्यम से प्रकृति संरक्षण में भागीदारी को कैसे बढ़ाया जाए।

चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज की निदेशक राजिदर कौर ने वेबिनार को अपना बहुमूल्य इनपुट दिया और चर्चाओं और मंत्रणा को सक्षम बनाया। इस वेबिनार में सम्पूर्ण भारत से और लेक्स आचार्य इंडिया व कचहरी के सदस्यों ने भी इस वेबिनार को सफल बनाने में विशेष सहयोग किया। इस अवसर पर हरि यमुना सहयोग समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ब्रह्म अग्रवाल व महेन्दर शर्मा ने वेबिनार में हिस्सा लेने के लिए सभी का धन्यवाद् करते हुए सभी से अनुरोध किया कि वे यमुना किनारे और कहीं भी उचित उपलब्ध स्थान पर पौधरोपण जरूर करे और उसकी सेल्फी लेकर हमें भेजे।



 
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