Success Story P. V. Sindhu : हर रोज घर से 56 किलोमीटर दूर बैडमिंटन सीखने जाती थीं पुसरला वेंकट सिंधू, माता-पिता वॉलीबॉल नेशनल खेल चुके...गोपीचंद को देखकर बैडमिंटन सीखने वाली P. V सिंधू के बारे में सब कुछ जानें

Samachar Jagat | Thursday, 29 Jul 2021 09:26:35 PM
Success Story PV Sindhu PV Sindhu's dedication to sports raises hopes of Olympic medals, Pusarla Venkat Sindhu used to go 56 km away from home every day to learn badminton, parents had played Volleyball National..Looking at Gopichand to learn badminton Know about Sindhu

स्पोर्ट्स डेस्क। टोक्यो ओलंपिक में मैरीकॉम की हार के बाद अब पदक की सबसे ज्यादा उम्मीदें देश को बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी पी.वी. सिंधू से है। सिंधू 2016 के रियो ओलंपिक में रजत पदक जीत चुकी हैं। सिंधू को अनुभव है। उन्हें पता है कि ओलंपिक से मेडल किस तरह निकाला जाता है। पी.वी सिंधू देश की एकमात्र बैडमिंटन खिलाड़ी हैं जिन्होंने वर्ल्ड बैटमिंटन चैंपियनशिप और ओलंपिक में पदक जीता है। 26 वर्षीय पी.वी सिंधू को हैदराबाद की शान कहा जाता है। रियो में सिंधू गोल्ड जीतते-जीतते रह गई। लेकिन टोक्यो में वो बड़ा कारनाम जरूर कर दिखाएंगे। आज की सक्सेज स्टोरी में हम देश की स्टार शटलर पी.वी सिंधू के बारे में जानेंगे कि कैसे उन्होंने बैडमिंटन को अपना करियर बनाया।

5 जुलाई 1995 को हैदराबाद में जन्मीं पुसरला वेंकट सिंधू का जन्म खेलों से जुड़े परिवार में हुआ। सिंधू के माता-पिता पी. वी.रमणा और पी. विजया दोनों ही वॉलीबॉल के नेशनल प्लेयर रहे। सिंधू के पिता 1986 एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज जीतने वाली टीम के सदस्य थे। जहां माता-पिता वॉलीबॉल के खिलाड़ी रहे वहीं सिंधू ने बैडमिंटन में अपनी आगे की राह चुनी। दरअसल हैदराबाद के ही कोच व खिलाड़ी पुलैला गोपीचंद ने 2001 में आल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप का खिताब जीता था। उनकी ये जीत ही सिंधू के लिए प्रेरणा का काम कर गई। आगे चलकर पुलैला गोपीचंद पी.वी सिंधू के कोच भी बने। रियो ओलंपिक में गोपीचंद ही सिंधू के कोच थे। 

सिंधू के जीवन की सबसे कठिन परीक्षा तब होती थी जब उन्हें बैडमिंटन सीखने के लिए हर रोज सुबह घर से करीब 56 किलोमीटर तक ट्रेनिंग सेंटर के लिए जाना होता था। यहीं से उनकी अपने काम के प्रति और खेल के प्रति समर्पण की भावना जागी। 2013 में सिंधू के बैडमिंटन जीवन में वो लम्हा आया जब उन्होंने बैडमिंटन की उस समय की टॉप खिलाड़ी शिजियान वांग को एशियन चैंपियनशिप में शिकस्त दी। 

पी.वी सिंधू के पास इस समय पांच वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप पदक हैं। जिनमें से एक गोल्ड 2019 बासेल वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीता था। इसके अलावा दो कांस्य व दो रजत पदक जीते हैं। एशियन गेम्स में एक रजत 2018 जकार्ता गेम्स, एक कांस्य इंजिओन 2014 में जीता था। इसके अलावा पी.वी सिंधू 2017 में अपने करियर की टॉप रैंकिंग नंबर 2 पर पहुंची। इसके अलावा सिंधू ने 2018 में 63 करोड़ रुपए की कमाई के साथ फोर्ब्स की सबसे अधिक भुगतान वाली महिला एथलीटों की सूची में शामिल हुईं। 2019 में भी उन्हें मैग्जीन में जगह मिली। राजीव गांधी खेल रत्न, पद्मश्री, पद्मभूषण सहित कई बड़े पुरस्कार उन्हें मिल चुके हैं। वर्तमान में उनके कोच साउथ कोरिया के पार्क टी सेंग हैं। 



 

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