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Zara-hat-ke

मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में एक महिला के एक साथ चार बच्चियों को जन्म देने का मामला सामने आया है। जिला अस्पताल में रविवार को समय से पूर्व जन्मीं इन चारों बच्चियों का वजन कम होने से उन्हें गहन चिकित्सा इकाई में रखा गया है।
इंटरनेट डेस्क। मेघालय के खासी हिल्स डिस्ट्रिक्ट में बसा यह गांव शिलॉंन्ग और भारत-बांग्लादेश बॉर्डर से 90 किलोमीटर दूर स्थित है। इस गांव को अंतरराष्ट्रीय तौर पर एशिया के सबसे साफ गांव के लिए पुरस्कार भी मिल चुका है।
कुशीनगर। उत्तर प्रदेश में भगवान बुद्ध की निर्वाण स्थली कुशीनगर में एक क्षेत्र ऐसा भी है जहां घंटा बजाकर समय और सुरक्षा का अहसास दिलाने की सदियों पुरानी परम्परा आज भी कायम है। जिले में स्थित तमकुही स्टेट कई मायनों में खास है। यहां के बाशिंदों को समय देखने की लिए घड़ी की जरूरत नहीं पड़ती क्योंकि समय का प्रहरी यहां हाथ से बजाया जाने वाला एक घंटा है जिसे बजाने के लिए बाकायदा कर्मचारियों की ड्यूटी लगती है। 
मंदिर में देवी-देवताओं की पूजा होते तो सभी ने देखा होगा लेकिन क्या आपने ऐसी जगह देखी है जहां कुत्ते की पूजा होती है। कुत्ता जैसा वफादार जानवर अब तक घर की रखवाली के लिए जाना जाता था शायद कुत्ते की इसी वफादारी को देखते हुए यहां के लोग कुत्ते की पूजा करने लगे है।
इंटरनेट डेस्क। ये दुनिया जितनी बड़ी है उतनी अजीब है। इसमें बहुत कुछ देखने को मिल सकता है। ऐसी-ऐसी अजीब चीज़ें जिनके बारे में हम सोच ही नहीं सकते है।
इंटरनेट डेस्क। जब हम कहीं मंदिर या पवित्र सरोवर जाते है तो हम देखते है की लोग वहां कोई भी नदी होती है तो उसमे सिक्के डालते है ताकि उनकी जो भी इच्छा है वो पूरी हो जाये।
इंटरनेट डेस्क। भारत को विविधताओं का देश कहा जाता है। क्योंकि यहां कई तरह की संस्कृति देखने को मिलती है साथ ही कई तरह की बोली, रीतिरिवाज और तरह-तरह का पहनावा देखने को मिलता है।
इंटरनेट डेस्क। फिलिपिंस, मलेशिया और इंडोनेशिया में समा बजाऊ जनजाति का अस्त्तिव है। इन लोगों का रहन-सहन आम लोगों से बिल्कुल अलग है। ये जीने के लिए पूरी तरह से समुद्र पर ही निर्भर हैं। आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि इस जानजाति के लोग समुद्र के बीचो-बीच रहते हैं और कभी-कभी जमीन पर आते है।
इंटरनेट डेस्क। आज के समय में मेडिकल साइंस ने काफी तरक्की कर ली है। पहले जहां लोग रोगों का इलाज करने के लिए घरेलू उपचार या बाबाओं के चकर काटते थे आज वही इलाज मेडिकल से होता है।
इंटरनेट डेस्क। सूरज की रोशनी हर जगह जाती है। ऐसी कोई जगह नहीं जहा नहीं जाती हो। और सूरज को ये रोशनी सबके लिए जरुरी भी है। लेकिन एक गांव के लोग सूरज की रोशनी के लिए तरसते थे। आईये जानते है......

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