बंबई उच्च न्यायालय का जेट एयरवेज मामले में हस्तक्षेप से इनकार, कहा-बीमारू कंपनी को बचाने के लिए नहीं कह सकते

Samachar Jagat | Friday, 19 Apr 2019 11:33:05 AM
Bombay High Court refuses interference in Jet Airways case

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को वित्तीय संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के मामले में  हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि वे एक बीमारू कंपनी  को बचाने के लिए सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक को निर्देश नहीं दे सकता है।

बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंदराजोग और न्यायमूर्ति एनएम जमदार की पीठ ने उस रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें सरकार और केंद्रीय बैंक से बैंकों की समिति को जेट एयरवेज की मदद करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।

वकील मैथ्यू नेदुम्परा ने अपनी रिट याचिका में सरकार और आरबीआई को यह निर्देश देने की मांग की थी कि एयरलाइन कंपनी के लिए संभावित निवेशकों की पहचान होने तक जेट का पुन : परिचालन सुनिश्चित किया जाए। याचिकाकर्ता ने कहा कि एयरलाइन एक जरूरी सेवा है और इसे देखते हुए न्यायालय को बैकों की समिति को परिचालन फिर से शुरू करने के लिए जेट को जरूरी न्यूनतम ऋण सहायता प्रदान करने का निर्देश देना चाहिए।

हालांकि, पीठ ने कहा कि वह सरकार या रिजर्व बैंक को बीमारू कंपनी के लिए पूंजी जारी करने के लिए नहीं कह सकता। न्यायालय ने कहा कि हम सरकार से एक बीमार कंपनी को बचाने के लिए नहीं कह सकते हैं। हम जो कर सकते हैं वह यह है कि यदि आपके पास कोई टोपी है तो हम दान पाने के लिए इसे पूरे कोर्टरूम में घुमा सकते हैं।

अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) का दरवाजा खटखटाने की सलाह दी है। उल्लेखनीय है कि जेट एयरवेज ने बुधवार मध्यरात्रि से अपने परिचालन को अस्थायी तौर पर रोक दिया है।

उसकी अंतिम उड़ान अमृतसर से रवाना हुई थी। जेट एयरवेज पिछले पांच साल में बंद होने वाली सातवीं एयरलाइन कंपनी है। जेट एयरवेज ने बैंकों के समूह से 400 करोड़ रुपए की त्वरित ऋण सहायता उपलब्ध कराने की मांग की थी, जिसे देने से बैंकों की समिति ने इनकार कर दिया। कंपनी पर पहले से ही 8,500 करोड़ रुपए का कर्ज है। 

loading...


 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
loading...


Copyright @ 2019 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.