ES-PM की सदस्य ने कहा, नोटबंदी से कर अनुपालन हुआ बेहतर 

Samachar Jagat | Monday, 03 Sep 2018 08:22:56 AM
ES-PM member said, tax compliance was better than note ban

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य शमिका रवि का कहना है कि नोटबंदी के बाद देश में कर अनुपालन बेहतर हुआ है, हालांकि इसका बुरा पक्ष यह रहा कि नोटबंदी की पूरी प्रक्रिया को और बेहतर तरीके से लागू किया जा सकता था।

रवि ब्रूकिग्स इंडिया में वरिष्ठ फ़ेलो भी हैं। उन्होंने कहा कि कर को और अधिक युक्तिसंगत बनाने की जरूरत है ताकि कर अनुपालन के बोझ को और कम किया जा सके। उन्होंने पीटीआई-भाषा को दिए साक्षात्कार में कहा कि नोटबंदी को लागू करने का तरीका निश्चित ही सवाल उठाने लायक है।

जैसे कि हम 2,000 रुपए का नोट लाए। यह अपने ही आप ही इस तर्क को खारिज कर देता है कि बड़े मूल्य के नोट हटाए जाने हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन क्या आपने यह गौर किया कि (नोटबंदी के बाद) कर अनुपालन बढ़ा है? आपको क्या लगता है कि यह क्यों हुआ होगा?

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 से देश में उच्च मूल्य के पुराने 1000 और 500 के नोटों को चलन से बाहर कर दिया था। इसके स्थान पर 2,000 और 500 रुपए के नए नोट जारी किए गए। बाद में एक 200 रुपए का नोट भी जारी किया गया।

भारतीय रिजर्व बैंक के हालिया आंकड़ों के मुताबिक 8 नवंबर 2016 को देश में  15.41 लाख करोड़ रुपए के 1,000 और 500 रुपए के पुराने नोट चलन में थे जिसमें से 15.31 लाख करोड़ रुपए बैंकिग प्रणाली में लोग आए। रवि ने रीयल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े माल एवं सेवाकर कानून को भी युक्तिसंगत बनाने की जरूरत पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि कर प्रणाली को तर्कसंगत बनाया जाना चाहिए, विशेषकर रीयल एस्टेट क्षेत्र में। क्या जीएसटी को आगे और अधिक तर्कसंगत बनाया जा सकता है, मेरा मानना है कि ऐसा किया जा सकता है। कर अनुपालन का बोझ घटाया जाना चाहिए।

रुपए में गिरावट के मुद्दे पर रवि ने कहा कि रुपए की कमजोरी को देश की क्षमता में  गिरावट के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे टूटकर 71 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया था।

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