भारत ने डब्ल्यूटीओ में निवेश जैसे मुद्दे शामिल करने का किया विरोध

Samachar Jagat | Saturday, 09 Jun 2018 04:21:11 PM
india opposes to include issues such as investing in the WTO

नई दिल्ली। भारत ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में निवेश जैसे नए मुद्दे शामिल करने का विरोध करते हुए कहा है कि इससे कृषि, खाद्य सब्सिडी और विकास से जुड़े मसले प्रभावित हो सकते हैं। हाल में ही पेरिस में आयोजित डब्ल्यूटीओ की मंत्रिस्तरीय अनौपचारिक बैठक में भारत ने वार्ता प्रक्रिया शुरू करने पर बल देते हुए कहा कि वैश्विक व्यापारिक मसलों के समाधान के लिए मौजूदा प्रावधानों और व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। 

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बैठक में भारतीय पक्ष का नेतृत्व केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने किया। डब्ल्यूटीओ के 28 सदस्य देशों और महानिदेशक ने इस अनौपचारिक बैठक में भाग लिया। प्रभु ने डब्ल्यूटीओ का पूर्ण एजेंडा पहले से ही होने का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को डब्ल्यूटीओ में निवेश संबंधी सुविधा जैसे नए मुद्दे उठाए जाने पर आपत्ति है, क्योंकि इससे कृषि और विकास से जुड़े मौलिक मुद्दे उपेक्षित होने की आशंका है। 

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उन्होंने कहा कि डब्ल्यूटीओ में कामकाज के मार्गदर्शन के लिए अनेक मंत्रिस्तरीय व्यवस्थाएं पहले से ही लागू हो चुकी हैं और वार्ताकार पिछले कई वर्षों से अनेक मुद्दों पर काम कर रहे हैं। मौजूदा व्यवस्थाओं , घोषणापत्रों और निर्णयों के आधार पर कामकाज शुरू किया जाना चाहिए। अब तक किए गए समस्त कार्यों को नजरअंदाज करना तथा नये सिरे से वार्ताओं को तय करना इस प्रणाली के लिए प्रतिकूल एवं नुकसानदेह साबित होगा। -एजेंसी 



 

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