मैक्रों के वाराणसी दौरे से बुनकरों एवं होटल व्यवसाय को बेहतरी की उम्मीद

Samachar Jagat | Sunday, 11 Mar 2018 10:02:53 AM
Macros Varanasi tour hopes to improve weavers and hotel business

वाराणसी। भारत में नौवें सबसे बड़े निवेश करने वाले देश फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के 12 मार्च के वाराणसी दौरे से यहां के बुनकरों एवं होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों को अपनी बेहतरी की खासी उम्मीदें हैं। प्रमुख होटल व्यवसायी जितेंद्र सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 2015 में जापान के प्रधानमंत्री शिजो आबे के बाद अब मैक्रों की प्रस्तावित यात्रा से प्रचीन धार्मिक नगरी की बेहतरी की उम्मीद और बढ़ गयी है। विशिष्ट मेहमानों के दौरे से यहां बिजली, सड़क और सफाई की व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है । यही क्रम आगे भी जारी रहा तो मंदिरों के इस शहर में निश्चित तौर पर देशी-विदेशी पर्यटकों के आने का सिलसिला बढ़ेगा, जिससे होटल सहित अन्य कई व्यवसाय से जुड़े लोगों को काफी लाभ होगा।

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सिंह ने कहा कि सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में फ्रांस की विशेष दिलचस्पी से होटल व्यवसाय के लिए बेहतरी के संकेत देते हैं। सस्ती दरों पर पर्याप्त बिजली उपलब्ध होने के बाद होटलों को सस्ती और बिना की बाधा के बिजली मिल सकती है। इसके अलावा शहर की सड़कों की प्रकाश व्यवस्था में सुधार आएगा, जिससे यहां आने वाले पर्यटक वाराणसी के बारे में अच्छा संदेश जाएगा और अपने दोस्त रिश्तेदारों को यहां आने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। 

उन्होंने कहा, मैं आशावादी हूं और उम्मीद करता हूं कि फ्रांस के राष्ट्रपति के इस दौरे से आने वाले समय में छोटे, मझोले और बड़े (आर्थिक ­ष्टिकोण से) हर प्रकार के पर्यटकों की संख्या में वृद्घि होगी है। प्रमुख कपड़ा व्यवसायी केशव जलाना का कहना है कि फिलहाल कोई कुछ कहना जल्दबाही होगी। देखना होगा के फ्रांस की ओर से वाराणसी केंद्रित किस प्रकार का निवेश किये जाते हैं। वैसे, विशिष्ट विदेशी मेहमानों के दौरे से प्रचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक शहर की व्यवस्थाओं पर सकारात्मक असर पड़ता है। मैक्रों के दौरे से भी ऐसी ही उन्हें उम्मीद है।

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बनारसी साड़ियों के कारोबार से जुड़े बुनकर नेता शमीम नोमानी का कहना है कि फैशन और कपड़े की डिजाइन से जुड़ी तकनीक मामले में फ्रांस का दुनिया में बड़ा नाम है। इस वजह से उन्हें वहां के राष्ट्रपति के इस दौरे से काफी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि आसान शर्तों के साथ बनारसी साड़ी के निर्यात और कपड़े तैयार करने की सस्ती तकनीक का लाभ यदि वाराणसी को मिला तो निश्चित तौर पर इसका सकारात्मक असर पूर्वांचल के बुनकारों पर पड़ेगा। उन्हें उम्मीद है कि भारत और फ्रांस के बीच इन क्षेत्रों में सहयोग के लिए करार होगा और कोई ऐसी व्यवस्था बनेगी जिससे बिचौलियों की मार से बुनकरों को बचाया जा सकेगा।-एजेंसी 

 



 

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