न्यूनतम जमा राशि नहीं रखने पर एसबीआई ने बंद किए  41.16 लाख बचत खाते

Samachar Jagat | Wednesday, 14 Mar 2018 02:32:33 PM
SBI close 41.16 lakh savings accounts without minimum deposit

इंदौर।  सूचना के अधिकार( आरटीआई) से खुलासा हुआ है कि न्यूनतम जमा राशि नहीं रखे जाने पर ग्राहकों से जुर्माना वसूली के प्रावधान के कारण मौजूदा वित्तीय वर्ष के शुरूआती 10 महीनों( अप्रैल- जनवरी) के दौरान देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई में करीब 41.16 लाख खाते बंद कर दिये गये हैं।

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मध्यप्रदेश के नीमच निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने बताया कि उनकी आरटीआई अर्जी पर एसबीआई के एक आला अधिकारी ने उन्हें 28 फरवरी को भेजे पत्र में यह जानकारी दी। इस पत्र में बताया गया कि न्यूनतम जमा राशि उपलब्ध नहीं होने पर दंड शुल्क लगाने के प्रावधान के कारण स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 में  31 जनवरी तक बंद किये गये बचत खातों की संख्या लगभग 41.16 लाख है। न्यूनतम जमा राशि नहीं रखे जाने पर जुर्माना वसूली के कारण एसबीआई में बहुत बड़ी तादाद में बचत खातों के बंद होने की चौंकाने वाली जानकारी उस वक्त सामने आयी, जब देश के सबसे बड़े बैंक ने इस मद में दंड शुल्क को एक अप्रैल से  75 प्रतिशत तक घटाने का अहम फैसला किया है।

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मेट्रो और शहरी क्षेत्र में न्यूनतम औसत मासिक राशि (एएमबी) सीमा से कम होने पर पहले बैंक 50 रुपये मासिक दंड और उसके साथ माल एवं सेवाकर (जीएसटी) वसूल करता था। अब इसे घटाकर अब 15 रुपये और जीएसटी कर दिया गया है। अद्र्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में एएमबी कम होने पर दंड शुल्क 40 रुपये की जगह 12 रुपये और जीएसटी एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए 10 रुपये और जीएसटी कर दिया गया है।

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देश में गरीब तबके के लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोडऩे के सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान के बीच खासकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा इस मद में जुर्माना वसूली को लेकर लम्बे समय से बहस चल रही है। गौड़ ने कहा, ’’ अगर एसबीआई इस मद में जुर्माने की रकम को घटाने का निर्णय समय रहते कर लेता, तो उसे  41.16 लाख बचत खातों से हाथ नहीं धोना पड़ता। इसके साथ ही, इन खाताधारकों को परेशानी नहीं होती जिनमें बड़ी तादाद में गरीब लोग शामिल रहे होंगे।



 

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