कॉलेजों में पुराने कोर्स बंद करने पर एसएफआई ने जताया एतराज

Samachar Jagat | Saturday, 09 Jun 2018 12:12:58 PM
SFI expresses objection to closure of old courses in colleges

सिरसा। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने हरियाणा में 59 पुराने कॉलेजों में चल रहे पाठ्यक्रमों को बंद करने के प्रदेश सरकार के कदम का विरोध किया और राज्य भर में आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी। एसएफआई के प्रदेशाध्यक्ष शाहनवाज ने कहा कि प्रदेश के 59 पुराने कॉलेजों में चल रहे कोर्सेज को बंद करने से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। आरोप है कि सरकार प्रदेश में 59 कॉलेजों में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी, जूलॉजी, बीसीए, बीबीए, कंप्यूटर साइंस, गणित, अर्थशास्त्र, बीकॉम, बीएससी मेडिकल, संस्कृत, उर्दू, पंजाबी, होम साइंस आदि महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई खत्म कर रही है। 

गोयल ने आईसीआईसीआई बैंक मामले में कहा, कानून अपना काम करेगा

शाहनवाज ने आरोप लगाया कि सरकार कारण बता रही है कि इन पाठ्यक्रमों में छात्रों की रुचि और संख्या कम हो गई है जबकि हकीकत यह है कि सरकार प्रोफेसरों की भर्ती नहीं कर रही है तथा प्रदेश के विश्वविद्लयों और महाविद्यालयों में अध्यापकों व कर्मचारियों के कई पद रिक्त पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बजाय इन पदों को भरने के प्रदेश सरकार पूरी शिक्षा व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपेने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा शाखा का ठेकाकरण इसका पहला नमूना है जिससे आने वाले समय में फीस की मात्रा में भारी भरकम बढ़ोतरी होगी।

पवनहंस के लिए अभिरुचि पत्र दाखिल करने की अवधि बढ़ी

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में लोकतंत्र पर जिस तरह के हमले किए जा रहे हैं वह बहुत ही भयावह स्थिति की ओर ले जाने का इशारा करते हैं। उन्होंने कहा कि वह सरकार के इस शिक्षा व विद्यार्थी विरोधी फैसले की निंदा करते हैं। जब से हरियाणा प्रदेश के विश्वविद्यालयों मे यूजी की कक्षाओं में रूसा प्रणाली लागू हुई है तब से शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। छात्रों के साथ-साथ अभिभावक एवं शिक्षक भी परेशानी का सामना कर रहे हैं और शिक्षा का स्तर बहुत ज्यादा गिर गया है। एसएफआई नेता ने प्रदेश सरकार के इस फैसले के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी। -एजेंसी

जीएसटी परिषद् की अगली बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों पर होगी चर्चा
 



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.