देश के ख्यातनाम कैंसर विशेषज्ञों ने दिया डरने के बजाए कैंसर से लडऩे का संदेश

Samachar Jagat | Friday, 06 Jul 2018 04:53:29 PM
Famous Cancer Specialists from the country gave a message of cancer fight rather than fear

-समाजभूषण राजेन्द्र के. गोधा का 69 वां जन्मदिन मनाया
जयपुर। समाजभूषण और समाचार जगत के संस्थापक संपादक राजेंद्र के. गोधा का 69 वां जन्मदिन गुरुवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर श्री हरिश्चंद्र तोतूका सभा भवन में दिगम्बर जैन महासमिति महिला अंचल राजस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में लीलावती हॉस्पिटल मुंबई के प्रसिद्ध चिकित्सकों, ओंको सर्जन प्रो राजीव शाह के अलावा सवाई मानसिंह चिकित्सालय जयपुर के रेडियो डायग्नोसिस विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संदीप जैन, सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर के ही ख्यातनाम प्लास्टिक सर्जन डॉ. राकेश कुमार जैन के साथ जिनवाणी चैनल के एंकर मनोज कुमार जैन बाकलीवाल आगरा वाले ने पैनल डिस्कशन के जरिए कैंसर रोग के लक्षण और उपचार की विभिन्न विधाओं पर चर्चा की। पैनल डिस्कशन में कैंसर से लड़ कर उस पर विजय पाने वाले राजेंद्र के गोधा भी शामिल रहे और अपने अनुभव साझा किए।

रोग को छुपाने के बजाय अच्छे अस्पताल का चयन कर इलाज शुरू करें: डॉ. संदीप जैन
पैनल डिस्कशन या यूं कहें की ज्ञानवाणी चर्चा में एंकर मनोज बाकलीवाल के सवालों का जवाब देते हुए सवाई मानभसह अस्पताल के रेडियोलोजी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संदीप जैन ने लंग कैंसर पर चर्चा करते हुए कहा कि इसका इलाज ऑपरेशन है।

यदि किसी कारणवश ऑपरेशन नहीं हो पाए तो रेडियोथैरेपी अथवा कीमोथेरेपी से इसका इलाज किया जाता है और सबसे बड़ी बात है कि कैंसर से लड़े तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। उन्होंने रेडियो थेरेपी से इलाज के तरीकों पर चर्चा करते हुए कहा कि डीप एक्सरे थेरेपी जो पहले चलती थी। इसके बाद कोबाल्ट थेरेपी जो काफी हद तक कैंसर सेल को टारगेट करती थी के बाद अब लीनियर एक्सीलेटर के माध्यम से कैंसर का इलाज किया जाता है।

इस नई तकनीक से केवल कैंसर प्रभावित सेल को ही रेडिएशन टारगेट करता है। जिसे आम भाषा में रेडियो थेरेपी से सर्जरी कहां जाता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों से स्टेट कैंसर सेंटर स्थापित होने पर जयपुर में विश्वस्तरीय इलाज संभव हो सकेगा।

ब्रेस्ट कंजर्वेशन थेरेपी की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि साइकोलॉजिकल ट्रोमा से महिलाओं को बचाने में यह कारगर है। सबसे बड़ी जरूरी है कि मरीज को समय रहते रोग को छुपाने के बजाय अच्छे अस्पताल का चयन करें, अच्छे डॉक्टर से इलाज लें और रेगुलर चेकअप प्लान करें।

कैंसर को हराने के लिए अपने भीतर के डर को निकालें: डॉ. राजीव शाह
लीलावती हॉस्पिटल मुंबई के प्रसिद्ध उनको सर्जन डॉ. राजीव शाह जो कि गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी यानि जी आई टैग सर्जरी में सिद्धहस्त प्राप्त हैं ने बताया कि कैंसर को हराने के लिए अपने भीतर के डर को निकालना जरूरी है। उन्होंने बताया कि कैंसर आज लाइलाज नहीं है बशर्ते कि शुरुआती लक्षणों में ही उसका पता लगाया जाकर इलाज शुरू कर दिया जाए।

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि 40 साल से ऊपर की उम्र के सभी लोगों को नियमित चेकअप पर ध्यान देना चाहिए। डॉ. शाह ने राजेंद्र के. गोधा के कैंसर इलाज पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने मुंबई के लीलावती अस्पताल में गोधा जी का ऑपरेशन किया। उसके बाद जब उन्हें आईसीयू में शिफ्ट करने की बात चल रही थी तब उन्हें होश आ गया। डॉ. शाह ने बताया कि गोधा जी ने सबसे पहले अपनी बीमार मां के हालचाल जानने चाहे।

उन्होंने बताया कि गोधा जी की इस बात ने उन्हें अंदर तक प्रभावित किया। तब उन्होंने गोधाजी से कहा कि अपनी बीमारी की परवाह छोड़ कर अपनी मां की चिंता करने वाले व्यक्ति का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उन्होंने कहा कि मां-बाप की सेवा करने वाला हमेशा भगवान के आशीर्वाद का पात्र होता है।

उन्होंने कहा एक डॉक्टर को भी खुद से ज्यादा भगवान पर विश्वास होता है। उन्होंने कहा कि स्तन कैंसर की फैमिली हिस्ट्री होने पर परिवार की महिला सदस्यों को 25 वर्ष के बाद नियमित जांच कराते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि शुरुआती स्टेज में कैंसर सामने आने पर उसका सौ प्रतिशत इलाज संभव है। इसके लिए महिलाओं को स्त्री रोग विशेषज्ञ के लगातार संपर्क में रहना चाहिए।

डॉ. शाह ने कैंसर की विभिन्न स्टेज और ग्रेडिग पर फोकस करते हुए कहा कि लोकल एरिया में यदि कैंसर है तो उसे स्टेज 1, और यदि लिंफ नोड मैं पहुंच गया है तो उसे स्टेज 2 कहा जाता है। इसी प्रकार कैंसर के अन्य अंगों को प्रभावित कर लेने की स्थिति में स्टेज थ्री कहलाती है।

जबकि ग्रेड, कैंसर सेल का टेंपरामेंट बताती है। उन्होंने कहा कि माइल्ड या फिर एग्रेसिव नेचर की ग्रेड में है, उसकी ग्रेडिग के हिसाब से ही इलाज किया जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैंसर अथवा कोई भी बीमारी हो हार मानना नहीं चाहिए कोशिश लगातार करना जरूरी है।

शरीर में आने वाले बदलावों को नजरअंदाज ना करें : डॉ. राकेश जैन
सवाई मानसिंह अस्पताल के ही ख्यातनाम प्लास्टिक सर्जन डॉ. राकेश कुमार जैन ने लोगों को मोटिवेट करते हुए कहा कि सेल्फ कॉन्फिडेंस के साथ हंसमुख रहे अध्यात्म से जुड़ें और समस्या से डरने के बजाए उसे समझें और उसका समय पर निदान करें तो बीमारी पर जल्दी काबू पाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि शरीर में किसी भी तरह की एबनॉर्मलिटी अथवा बदलावों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। बल्कि उसका कारण जानकर उसका इलाज शुरू कर देना चाहिए।

कैंसर एक महंगा इलाज समाज मदद को आगे आएं
चिकित्सकों ने माना कि कैंसर एक महंगा इलाज है और मरीज ही नहीं बल्कि पूरी मेडिकल फैटरनिटी इस समस्या से जूझ रही है और इससे सस्ता करने के हर संभव प्रयास तलाशे जा रहे हैं। डॉ. शाह ने कहा कि इसके बावजूद समाज इस समस्या के समाधान में अहम रोल निभा सकता है। जरूरतमंद लोगों के इलाज के लिए समाज को आगे आना चाहिए।

सबसे बड़ी दुआ पैथी, मां-पिता की सेवा में मेवा: राजेन्द्र के. गोधा
पैनल डिस्कशन के अंत में राजेंद्र के. गोधा ने कार्यक्रम के आयोजक संस्था दिगंबर जैन महिला महासमिति का धन्यवाद किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि धैर्य और तथा आत्मबल ना खोते हुए जीबट के साथ बीमारी का इलाज कराने से उस पर विजय पाई जा सकती है।

इस अवसर पर उन्होंने धार्मिक आचरण करने और गुरुओं की सीख पर चलने का संदेश भी दिया। साथ ही कहा कि एलोपैथी, होम्योपैथी, आयुर्वेद पैथी सहित विभिन्न पैथियों के बीच एक और ऐसी पैथी है जिसे ‘दुआ पैथी’ यानि बड़ों का आशीर्वाद, माता पिता का आशीर्वाद कहते हैं हर पैथी से ज्यादा कारगर है। इसके अलावा एक और संदेश उन्होंने दिया कि लोगों की जरूरतमंदों की मदद करके भूल जाने का स्वभाव बनाना चाहिए।

राजेंद्र के. गोधा और श्रीमती त्रिशला गोधा को बधाई देने उमड़ा जनसैलाब
कार्यक्रम के अंत में राजेंद्र के. गोधा और श्रीमती त्रिशला गोधा को विभिन्न समाजसेवियों, सामाजिक संगठनों, समाज की समितियों और अन्य गणमान्य लोगों की ओर से बधाई दी गई और सम्मान किया गया। समारोह में श्रावक शिरोमणी समाजसेवी अशोक पाटनी आर के मार्बल्स, उद्योगपति और समाजसेवी गणेश राणा, ज्ञानचंद झांझरी, जैन सोशल ग्रुप के संजय जैन, राजस्थान जैन सभा के प्रदीप जैन सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

समाजसेवी अशोक पाटनी में इस अवसर पर अतिथि चिकित्सकों का साफा पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। कार्यक्रम में दिगम्बर जैन महासमिति महिला अंचल राजस्थान की शालिनी बाकलीवाल, सुशीला छाबड़ा, विद्युत लुहाडिय़ा सहित विभिन्न अंचलों की सदस्याओं ने भाग लिया। कार्यक्रम संयोजक जे. के. जैन, मनीष बैद, विनोद छाबड़ा और प्रदीप लुहाडिय़ा ने सभी का आभार जताया।



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

loading...
ताज़ा खबर

Copyright @ 2018 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.