लोकसभा चुनाव : राजस्थान में कई नेताओं के रिश्तेदार लड़ रहे चुनाव

Samachar Jagat | Sunday, 21 Apr 2019 11:45:11 AM
Lok Sabha elections: elections in Rajasthan contesting relative of several leaders

जयपुर। राजस्थान में लोकसभा चुनाव में इस बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व केन्द्रीय मंत्री नाथूराम मिर्धा एवं जसवंत सिंह सहित एक दर्जन से अधिक नेताओं के रिश्तेदार चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य की 25 सीटों पर दो चरणों में 29 अप्रैल और छह मई को होने वाले चुनाव में इन नेताओं के सात बेटे, दो पोतियां, एक पत्नी, एक बहू एवं एक दामाद और एक मौसेरा भाई चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं।

Rawat Public School

इनमें सात कांग्रेस, पांच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा एक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उम्मीदवार शामिल हैं। पहले चरण में 29 अप्रैल को तेरह सीटों पर होने वाले चुनाव में गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत जोधपुर से पर कांग्रेस प्रत्याशी के रुप में चुनाव मैदान में उतरे हैं। वह पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं जबकि उनके पिता गहलोत ने जोधपुर से 1980, 1984, 1991, 1996 एवं 1998 में पांच बार लोकसभा का चुनाव जीता।

राजे के पुत्र सांसद दुष्यंत सिंह चौथी बार झालावाड़-बारां से लोकसभा का चुनाव लड़ रहे है। वह वर्ष 2004 से लगातार तीन बार लोकसभा पहुंच चुके हैं। उनकी मां राजे उनसे पहले झालावाड़ से वर्ष 1989 से लगातार पांच बार सांसद रह चुकी हैं। पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के पुत्र और पूर्व सांसद मानवेन्द्र सिंह बाड़मेर-जैसलमेर संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी के रुप में फिर चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं।

उन्होंने 2004 में भाजपा प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़ा और लोकसभा पहुंचे लेकिन इसके अगले चुनाव में वह कांग्रेस उम्मीदवार सोनाराम चौधरी से हार गए। उनके पिता जसवंत सिह ने वर्ष 1989 में जोधपुर से तथा 1991 एवं 1996 में चित्तौड़गढ से भाजपा सांसद रह चुके है। उन्होंने एक बार पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग से भी लोकसभा चुनाव जीता।

चुरु से चार बार सांसद रहे रामसिंह कस्वां के पुत्र राहुल कस्वां दूसरी बार भाजपा उम्मीदवार के रुप में चुरु से चुनाव मैदान में उतरे हैं। राहुल पिछला लोकसभा चुनाव जीतकर पहली बार लोकसभा पहुंचे थे जबकि रामसिंह कस्वां वर्ष 1991, 1999, 2004, 2009 में  भाजपा सांसद रह चुके है। इसी तरह अलवर से वर्ष 1991 में भाजपा प्रत्याशी केे रुप में सांसद चुनी गई पूर्व महारानी महेन्द्रा कुमारी के पुत्र पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह इस बार भी कांग्रेस प्रत्याशी के रुप में चुनाव मैदान में है।

जितेन्द्र सिंह 2009 में कांग्रेस प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़कर पहली बार लोकसभा पहुंचे। इसके अगला चुनाव हार गए थे। इसी प्रकार नागौर जिले में दो बार विधायक रहे रामदेव बेनीवाल के पुत्र विधायक हनुमान बेनीवाल इस बार दूसरी बार नागौर संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) के संयोजक एवं विधायक बेनीवाल इस बार भाजपा के साथ गठबंधन कर नागौर से चुनाव लड़ रहे हैं जहां भाजपा ने यह सीट उनके लिए छोड़ी है।

बेनीवाल 2014 का लोकसभा चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में लड़ा लेकिन उन्हें जीत नसीब नहीं हुई। इसी तरह चुरु से विधायक रहे हाजी मकबूल मंडेलिया के पुत्र रफीक मंडेलिया इस बार फिर चुरु से कांग्रेस उम्मीदवार के रुप में चुनाव मैदान में उतारे गये हैं। रफीक वर्ष 2009 में भाजपा के राम सिंह कस्वां के सामने चुनाव हार गये।

वह पिछले विधानसभा चुनाव भी भाजपा के राजेन्द्र राठौड़ के सामने हार हार चुके है। राज्य के मारवड़ अंचल में गांधी एवं नाथू बाबा के नाम से प्रसिद्ध रहे नाथूराम मिर्धा की पोती और पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा तीसरी बार नागौर से कांग्रेस प्रत्याशी हैं। वह 2009 में नागौर से सांसद चुनी गई लेकिन इसका अगला लोकसभा चुनाव भाजपा के सी आर चौधरी के सामने हार गई।

उनके दादा नाथूराम मिर्धा 1971, 1977, 1980, 1989, 1991 एवं 1998 में नागौर से छह बार लोकसभा चुनाव जीतकर रिकॉर्ड कायम किया। जयपुर से स्वतंत्र पार्टी के रुप में 1962 से 1971 तक लगातार तीन बार सांसद चुनी गई जयपुर की पूर्व महारानी गायत्री देवी की पोती दीया कुमारी राजसमंद से भाजपा प्रत्याशी के रुप में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रही है।

वह सवाईमाधोपुर से विधायक रह चुकी है। पूर्व मंत्री एवं दौसा से विधायक मुरारी लाल मीणा की पत्नी सविता मीणा कांग्रेस उम्मीदवार के रुप में चुनाव मैदान में उतरी है। वह पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रही है। इसी तरह बयाना लोकसभा क्षेत्र से तीन बार भाजपा के सांसद रहे गंगाराम कोली की बहू रंजीता कुमारी को इस बार भाजपा ने भरतपुर (सुरक्षित) सीट पर चुनाव मैदान में उतारा है।

गंगाराम कोली 1991, 1996 एवं 1998 में भाजपा सांसद रह चुके है। राज्य की पूर्व पर्यटन मंत्री बीना काक के दामाद एवं उद्योगपति रिज्जु झुनझुनवाला अजमेर से कांग्रेस प्रत्याशी के रुप में पहली बार चुनाव लड़ रहे है। बीकानेर से तीसरी बार चुनाव लड़ रहे भाजपा प्रत्याशी केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के सामने उनके मौसरे भाई कांग्रेस उम्मीदवार पूर्व पुलिस अधिकारी मतदन गोपाल मेघवाल चुनाव लड़ रहे हैं। अर्जुन राम मेघवाल 2009 एवं 2014 के लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। 



 

यहां क्लिक करें : हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें, समाचार जगत मोबाइल एप। हिन्दी चटपटी एवं रोचक खबरों से जुड़े और अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें!

Copyright @ 2019 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.