भैय्यूजी महाराज ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या

Samachar Jagat | Tuesday, 12 Jun 2018 03:57:00 PM
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मध्यप्रदेश। अध्यात्मिक गुरू भैय्यूजी महाराज द्वारा खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने का मामाल सामने आया है। उनहोंने मंगलवार को कथित रूप से अपने आप को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। रिपोट्र्स के अनुसार आध्यात्मिक गुरु भैय्यूजी महाराज ने मंगलवार को खुद को सिर में गोली मारी थी।

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इसके बाद उन्हे इंदौर के बॉम्बे अस्पताल में ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रिपोट्र्स के अनुसार अभी तक इस कारण का पता नहीं चल पाया है कि आखिरकार उन्होंने आत्महत्या क्यों की। मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार भय्यू महाराज ने मंगलवार दोपहर को अपने सिल्वर स्प्रिंग स्थित बंगले में खुद को गोली मार ली।

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बताया जा रहा है कि वह पिछले कई दिनों से पारिवारिक विवाद की वजह से वह काफी परेशान थे। मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार इस संबंध में पुलिस ने बताया है कि भैय्यू महाराज ने यहां खुद को गोली मार ली। इसके बाद उन्हे इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल के लाया गया जहंा उन्होंने दम तोड़ दिया। भैय्यूजी महाराज का असली नाम उदय सिंह देशमुख था और वह अपने अनुयायियों में भय्यू महाराज के नाम से जाने जाते थे। वह अपने आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों के लिए महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में काफी लोकप्रिय थे।

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उनके बहुत सारे समर्थक अस्पताल के बाहर जमा हो गए। अध्यात्म गुरू का आश्रम इंदौर शहर में स्थित है और उनके अनुयायियों में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई शीर्ष नेता, लता मंगेशकर सहित कई मशहूर हस्तियां शामिल थीं। उल्लेखनीय है कि भैय्यूजी महाराज ने अन्ना हजारे के नेतृत्व में इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) जब अपने चरम पर था तब उन्होंने मध्यस्थ की भूमिका भी निभाई थी।

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उल्लेखनीय है कि भैय्यूजी महाराज चर्चा में तब आए जब अन्ना हजारे के अनशन को खत्म करवाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने अपना दूत बनाकर भेजा था। बाद में अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था। इसके अलावा पीएम बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। तब उपवास खुलवाने के लिए उन्होंने भय्यू महाराज आमंत्रित किया था। उल्लेखनीय है कि भैय्यूजी राजनीति में उनकी गहरी पैठ थी। हाल ही में शिवराज सरकार ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी दिया था। हालांकि उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था।



 

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