Birthday Special: भारतीय सिनेमा के इतिहास में रणधीर की फिल्म 'कल आज और कल' कालजयी फिल्मों में से एक

Samachar Jagat | Thursday, 15 Feb 2018 10:25:21 AM
Unknown Facts About Randhir Kapoor

मुंबई। बॉलीवुड में रणधीर कपूर को एक ऐसी शख्सियत के तौर पर शुमार किया जाता है जिन्होंने न सिर्फ अभिनय के क्षेत्र में बल्कि फिल्म निर्माण और निर्देशन के जरिये भी दर्शकों को अपना दीवाना बनाया है। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर आइए एक नजर डालते है उनके जीवन के दिलचस्प किस्सों पर। पंद्रह फरवरी 1947 को मुंबई में जन्मे रणधीर कपूर को अभिनय की कला विरासत में मिली।

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रणधीर कपूर के पिता राजकपूर फिल्म इंडस्ट्री के जाने माने अभिनेता और फिल्मकार थे। रणधीर कपूर ने शुरुआती दौर में बतौर बाल कलाकार श्री 420 और दो उस्ताद जैसी कुछ फिल्मों में काम किया। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1968 में प्रदर्शित फिल्म झुक गया आसमान में बतौर सहायक निर्देशक के तौर पर काम किया। वर्ष 1971 में प्रदर्शित फिल्म कल आज और कल के जरिये रणधीर कपूर ने अभिनेता और स्वतंत्र निर्देशक के तौर अपना कदम रख दिया।

कल आज और कल भारतीय सिनेमा के इतिहास में कालजयी फिल्मों के रूप में शुमार की जाती है। इस फिल्म में तीन पीढ़ी पृथ्वीराज कपूर, राज कपूर और रणधीर कपूर एक साथ नजर आयी। इस फिल्म में बबीता ने भी अहम भूमिका निभायी थी जो बाद में रणधीर कपूर की जीवन संगिनी बन गयी। वर्ष 1972 में रणधीर कपूर की जवानी दीवानी और रामपुर का लक्ष्मण जैसी सुपरहिट फिल्में प्रदर्शित हुयी। वर्ष 1974 में प्रदर्शित सुपरहिट फिल्म हाथ की सफाई में रणधीर कपूर की जोड़ी विनोद खन्ना के साथ काफी सराही गयी। फिल्म में दोनों कलाकारों का टकराव देखने लायक था। 

वर्ष 1975 में प्रदर्शित फिल्म धरम करम में एक बार फिर से रणधीर कपूर ने निर्देशन करने के साथ ही अभिनय भी किया लेकिन दुर्भाग्य से यह फिल्म टिकट खिड़की पर सफल नहीं रही। वर्ष 1977 में प्रदर्शित फिल्म चाचा-भतीजा रणधीर कपूर के करियर की एक और सुपरहिट फिल्म साबित हुयी। इस फिल्म में धर्मेन्द्र के साथ उनकी जोड़ी काफी पसंद की गयी।

वर्ष 1978 में प्रदर्शित फिल्म कस्मेवादे रणधीर कपूर के करियर की उल्लेखनीय फिल्मों में शुमार की जाती है। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने मुख्य भूमिका निभायी थी। अमिताभ जैसे सुपर सितारे की मौजूदगी में भी रणधीर कपूर ने अपने बेहतरीन अभिनय से दर्शकों को अपना दीवाना बना दिया। अस्सी के दशक में रणधीर कपूर की फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली।

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वर्ष 1991 में प्रदर्शित फिल्म हिना बतौर निर्देशक रणधीर कपूर की अंतिम फिल्म साबित हुयी। पहले इस फिल्म का निर्देशन राजकपूर करने वाले थे लेकिन अपने पिता की असमय मौत के कारण रणधीर कपूर ने हिना का निर्देशन किया। फिल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई।

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नब्बे के दशक में अपने पिता आर.के. फिल्मस के बैनर तले रणधीर कपूर ने प्रेमग्रंथ और आ अब लौट चले जैसी फिल्मों का निर्माण किया लेकिन इन फिल्मों को टिकट खिड़की पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली। रणधीर कपूर इन दिनों बतौर चरित्र अभिनेता फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं।



 
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